Weather Update: कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के आसार

Weather Update: कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के आसार

IMD Latest Weather Update: देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी तेज हो गई है और कई राज्यों में हीटवेव का खतरा बढ़ गया है. वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदलने वाला है. बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने नया अपडेट जारी किया है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 10, 2026,
  • Updated Mar 10, 2026, 7:00 AM IST

देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है और कई क्षेत्रों में लू (हीटवेव) की स्थिति बन गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 10 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या भीषण लू की स्थिति रह सकती है. इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और विदर्भ में 11 मार्च तक लू का खतरा बना रहेगा. दूसरी ओर, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ बारिश और बर्फबारी की संभावना है. 10 और 11 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है.

बीते दिन देश के कई हिस्सों में तापमान काफी अधिक दर्ज किया गया. मराठवाड़ा, पश्चिम राजस्थान और विदर्भ के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला में सबसे अधिक 40.9°C तापमान दर्ज किया गया. हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री से अधिक ऊपर दर्ज हुआ.

10 मार्च को देशभर में मौसम का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, 10 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी रहेंगी. 12 मार्च तक इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस दौरान तेज हवाएं 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की भी संभावना है.

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है. बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 11 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.

ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 14 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं.

दिल्ली-NCR में चढ़ेगा पारा

दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा. 10 मार्च को दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा. अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.

11 मार्च को तापमान और बढ़ सकता है. इस दिन अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. 12 मार्च को भी मौसम आंशिक रूप से बादलों भरा रह सकता है और अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक गर्मी सामान्य से काफी अधिक महसूस होगी.

बड़े क्षेत्रों का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अगले तीन दिनों तक तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक अधिक बना रह सकता है. इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है.

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तापमान अगले कुछ दिनों तक ऊंचा बना रहेगा. वहीं, महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है और इसके बाद हल्की गिरावट आने का अनुमान है.

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में फिलहाल तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रह सकता है. पूर्वोत्तर भारत में अगले चार दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने और उसके बाद हल्की गिरावट आने का अनुमान है.

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

बढ़ते तापमान के कारण फसलों में नमी की कमी और तेजी से पकने की समस्या हो सकती है. ऐसे में गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों में हल्की और समय-समय पर सिंचाई करने की सलाह दी गई है. अत्यधिक गर्मी के कारण गेहूं में दाने भरने की अवधि कम हो सकती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है.

सब्जियों और बागवानी फसलों में फूल गिरने और फल झुलसने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए खेतों में मल्चिंग और नमी संरक्षण के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराने और उन्हें धूप से बचाने की सलाह दी गई है. वहीं पोल्ट्री फार्म में तापमान कम रखने के लिए शेड की छत पर घास या अन्य ढकाव का उपयोग करने की सलाह दी गई है.

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