
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत के मैदानी इलाकों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
उत्तर भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अलग-अलग दिनों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 16 जुलाई तक कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, उत्तराखंड में पूरे सप्ताह बारिश और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के अधिकांश मैदानी इलाकों में बारिश कम हो सकती है. इन क्षेत्रों में धूप निकलने के साथ उमस बढ़ेगी और लोगों को गर्मी का अधिक एहसास होगा. हालांकि, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इन राज्यों में कई जगह भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
आईएमडी ने मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है. इन राज्यों में 13 से 18 जुलाई तक लगातार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है. वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इन राज्यों में तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं.
आईएमडी के मुताबिक, इस समय मॉनसून ट्रफ, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बिहार, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) जैसे कई मौसम तंत्र सक्रिय हैं. इन्हीं के कारण पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश तेज बनी हुई है, जबकि देश के कई अन्य हिस्सों में अगले कुछ दिनों के लिए बारिश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, वहां किसान खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों में जलभराव न हो. बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टालें और मौसम साफ होने पर ही कृषि कार्य करें. तेज हवा और गरज-चमक की आशंका वाले इलाकों में कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें. पशुओं को खुले में न छोड़ें और उनके चारे को भी सूखी जगह पर सुरक्षित रखें.