इंद्र देव को मनाने में जुटी तेलंगाना सरकार, खुद सिंचाई मंत्री ने कराया 'वरुण यज्ञ'

इंद्र देव को मनाने में जुटी तेलंगाना सरकार, खुद सिंचाई मंत्री ने कराया 'वरुण यज्ञ'

तेलंगाना में कम बारिश और जलाशयों में घटते पानी ने किसानों और सिंचाई व्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है. अच्छी बारिश की कामना को लेकर नलगोंडा के नागार्जुन सागर में ‘वरुण यज्ञ’ कराया गया.

सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डीसिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 10, 2026,
  • Updated Aug 10, 2026, 2:26 PM IST

तेलंगाना में इस साल कमजोर बारिश और जलाशयों में कम पानी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. अच्छी बारिश और राज्य के जलाशयों के भरने की कामना को लेकर सरकार ने नलगोंडा जिले के नागार्जुन सागर में ‘वरुण यज्ञ’ कराया. सोमवार को सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और उनकी पत्नी और विधायक एन. पद्मावती ने यज्ञ में हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी भी शाम को यज्ञ के समापन कार्यक्रम यानी पूर्णाहुति में शामिल होंगे.

108 पुजारियों ने किया यज्ञ

कृष्णा नदी के किनारे नागार्जुन सागर में आयोजित इस यज्ञ में 108 पुजारी शामिल हुए. इसके लिए 11 हवन कुंड बनाए गए. यह धार्मिक अनुष्ठान यदागिरिगुट्टा के श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों की ओर से कराया जा रहा है.सरकार का उद्देश्य अच्छी बारिश की कामना करना और कृष्णा और गोदावरी नदी घाटी के जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंचना है. सरकार का कहना है कि दोनों प्रमुख नदियों में पर्याप्त पानी आने से सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

नागार्जुन सागर में आधे से भी कम पानी

तेलंगाना सरकार की सबसे बड़ी चिंता नागार्जुन सागर जलाशय को लेकर है. इसकी कुल जल भंडारण क्षमता 312.045 TMC है, लेकिन अभी इसमें करीब 145.65 TMC पानी ही मौजूद है. जलाशय का जलस्तर लगभग 518 फीट है, जबकि इसका पूर्ण जलस्तर 590 फीट है. पिछले साल 9 अगस्त को नागार्जुन सागर में करीब 310.25 TMC पानी था और जलस्तर लगभग 589.40 फीट पहुंच गया था. यानी पिछले साल इसी समय जलाशय लगभग पूरी तरह भर चुका था, जबकि इस साल स्थिति काफी अलग है. इस कमी का सीधा असर सिंचाई और खेती पर पड़ने की आशंका है.

बारिश कम होने से किसानों की चिंता बढ़ी

सिंचाई मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है और अगस्त का दूसरा सप्ताह भी शुरू हो गया है, लेकिन कृष्णा और गोदावरी नदियों में अभी पर्याप्त पानी की आवक नहीं हुई है. कम बारिश का असर खरीफ फसलों पर भी पड़ सकता है. खासकर उन इलाकों में चिंता ज्यादा है जहां किसान सिंचाई के लिए जलाशयों और नहरों पर निर्भर हैं.

अल नीनो को लेकर भी सरकार चिंतित

तेलंगाना सरकार ने अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए एक विशेषज्ञ समिति भी बनाई थी. समिति ने 30 जुलाई को सरकार को कई सुझाव दिए हैं. इनमें ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर सब्सिडी बढ़ाने और खरीफ सीजन में कम पानी में टिकने वाली यानी सूखा सहने वाली फसलों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है. वहीं, सरकार के वरुण यज्ञ के फैसले पर BRS के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने कहा कि यज्ञ करने में कोई बुराई नहीं है. हालांकि, उन्होंने सरकार से किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. उनका कहना है कि सिर्फ बारिश की कामना करने के साथ-साथ किसानों की मदद के लिए व्यावहारिक उपाय भी जरूरी हैं. (PTI)

MORE NEWS

Read more!