Weather News: मॉनसून की बढ़ी रफ्तार, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें 27 जून को देशभर में कैसा रहेगा मौसम

Weather News: मॉनसून की बढ़ी रफ्तार, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें 27 जून को देशभर में कैसा रहेगा मौसम

देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है और अगले कुछ दिनों में इसके कई नए इलाकों में आगे बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने 27 से 29 जून तक पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू का असर भी बना रहेगा.

aaj Ka Mausamaaj Ka Mausam
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 27, 2026,
  • Updated Jun 27, 2026, 7:05 AM IST

देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ और इलाकों तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं. विभाग ने 27 से 29 जून के बीच पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की भी आशंका जताई है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक लू चलने और 27 जून को कहीं-कहीं भीषण लू पड़ने की चेतावनी भी जारी की है. 

27 जून को देशभर में ऐसा रहेगा मौसम का हाल

IMD के अनुसार, 27 जून को उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है. हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी वर्षा की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. 

मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश का दायरा बढ़ेगा. विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा. बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. 

इन राज्‍यों में अत्‍यध‍िक भारी बारिश की आशंका

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 जून से अत्यधिक भारी बारिश की शुरुआत हो सकती है, जिससे भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है. 

पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. वहीं दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है. 

दिल्ली में 27 जून काे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबि‍क, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 27 जून को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा. दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 

वहीं, 28 जून को भी दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे और दोपहर के बाद गरज वाले बादल बनने की संभावना है. इस दिन 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 29 जून को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है. 

किसानों और पशुपालकों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पहले से कर लें ताकि फसलों में जलभराव न हो. धान की नर्सरी, सब्जियों, मक्का, अदरक, हल्दी, जूट, केला और बागवानी फसलों वाले क्षेत्रों में जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. 

जहां तेज हवा और गरज-चमक की संभावना हो वहां कटाई के बाद की उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें. फलदार पौधों, सब्जियों और गन्ने जैसी फसलों को सहारा देने की भी सलाह दी गई है ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो सके. 

जिन राज्यों में लू का असर बना हुआ है वहां किसानों को सब्जियों और बागवानी फसलों में जरूरत के हिसाब से हल्की सिंचाई करने, मल्चिंग अपनाने और पौधों को अस्थायी छाया उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है. 

पशुपालकों को पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित शेड में रखने, स्वच्छ और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराने तथा चारा सूखी और सुरक्षित जगह पर रखने को कहा गया है. 

पोल्ट्री फार्म में गर्मी कम रखने के लिए शेड की छत को ढकने और मत्स्य पालकों को तालाबों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश के दौरान मछलियों का नुकसान न हो. 

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