
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने अपने ताजा मौसम पूर्वानुमान में देश के अधिकांश हिस्सों में अगले एक हफ्ते तक कोई बड़ा मौसमी बदलाव नहीं होने की बात कही है. हालांकि, यह चेतावनी जरूरी दी है कि तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 6 से 8 डिग्री तक बढ़ सकता है, जबकि मध्य और पूर्वी भारत में 3 से 5 डिग्री तक वृद्धि की संभावना है. इसके चलते कई इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच जाएगा. साथ ही छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश में हीटवेव चलने की आशंका है, जबकि कई तटीय और पूर्वी राज्यों में गर्मी और उमस भरा मौसम बना रहेगा.
मौसम विभाग के मुताबिक, 12 अप्रैल को देश के बड़े हिस्से में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की कोई खास संभावना नहीं है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ेगा. वहीं, पूर्वोत्तर भारत (खासकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश) में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों जैसे कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में 12 अप्रैल को आसमान साफ रहेगा और दिन में तेज धूप के साथ हवाएं चलेंगी. अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. दिन के समय 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 35 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. 13 और 14 अप्रैल को तापमान में और बढ़ोतरी होगी, जहां अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री तक पहुंच सकता है. इसके चलते आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज होने वाला है.
आईएमडी के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू जैसे हालात बनने की संभावना है. मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तापमान में लगातार वृद्धि होगी और 14 से 17 अप्रैल के बीच हीटवेव का असर देखने को मिलेगा.
पूर्वी भारत में ओडिशा और झारखंड में तापमान बढ़ने के साथ उमस भरी गर्मी परेशान करेगी, जबकि ओडिशा में 13-14 अप्रैल को हीटवेव की स्थिति बन सकती है. पूर्वोत्तर भारत में 14 अप्रैल तक बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा और अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है.
दक्षिण भारत में कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में छिटपुट बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलेंगी, लेकिन इसके बावजूद गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा. गुजरात और महाराष्ट्र में भी तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी.
मौसम विभाग की ओर से बढ़ती गर्मी को देखते हुए किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई बनाए रखने की सलाह दी गई है, खासकर धान, मक्का, मूंग, उड़द और सब्जियों की फसलों में नमी बनाए रखना जरूरी है. इसके अलावा आम और काजू जैसे बागवानी फसलों में भी नमी का विशेष ध्यान रखना होगा.
छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के किसानों को गेहूं और चने की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित भंडारण करने की सलाह दी गई है. तेज हवाओं और आंधी की संभावना वाले क्षेत्रों में कटाई के बाद फसल को खुले में न छोड़ें और तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें.
वहीं, बागवानी फसलों और सब्जियों को सहारा देने की व्यवस्था करें ताकि तेज हवा से नुकसान न हो. पशुपालकों को सलाह दी गई है कि गर्मी के दौरान पशुओं को छायादार स्थान पर रखें, पर्याप्त पानी और संतुलित आहार दें, ताकि गर्मी के प्रभाव से बचाव हो सके.