
पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य प्रदेश में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है. साथ ही पूर्वी भारत में भी गरज-चमक, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बने रहने के आसार हैं. इस दौरान कई राज्यों में 30 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश होने की आशंका है. अगले 3-4 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में दिन का तापमान सामान्य से नीचे या आसपास रहेगा, इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी.
आईएमडी के मुताबिक, 9 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में मौसम का असर जारी रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला बना रहेगा, जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर दिखेगा. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में 9 अप्रैल से बारिश की तीव्रता घटेगी और मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा.
मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 9 अप्रैल को आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री और न्यूनतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है. 8 अप्रैल की शाम को हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 10 और 11 अप्रैल को मौसम साफ रहेगा, लेकिन दिन में 20-30 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होकर 34-36 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है.
मौसम विभाग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 8 अप्रैल के मुकाबले 9 अप्रैल को बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवा चलने में कमी आएगी. पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 9 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का खतरा है. कुछ इलाकों में 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं.
दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में भी हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही तमिलनाडु, केरल और तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग ने सलाह में कहा है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए किसान पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें. सब्जियों और बागवानी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए सहारा और जाल का इस्तेमाल करें.
खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें, ताकि पानी जमा न हो. तेज हवाओं के दौरान खेत में रखी उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित करें. पशुपालक अपने पशुओं को बारिश और ओलावृष्टि के दौरान खुले में न छोड़ें और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें.