
गुजरात के कई जिलों में बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है. इसमें वडोदरा, मेहसाणा, साबरकांठा, खेड़ा और अरावली के इलाके शामिल हैं. मौसम की अचानक मार से खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं और बर्बादी का खतरा बढ़ गया है. वडोदरा जिले के सावली और डेसर क्षेत्र में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच, भीषण चक्रवाती हवाओं के साथ बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है. कुदरत के इस कहर ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि किसानों की कमर भी तोड़ दी है.
डेसर शहर सहित इटवाड, वांटा, वरनोली, वालावाव, वेजपुर और सिहोरा जैसे दर्जनों गांवों में तूफान ने तांडव मचाया है. रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों के घरों की छतें और दुकानों के लोहे के पतरे कागज की तरह हवा में उड़ गए. डेसर APMC ग्राउंड में सालों पुराने नीम के विशाल पेड़ धराशायी हो गए, जिनकी चपेट में आने से कई वाहन चकनाचूर हो गए हैं. इस आपदा में जान-माल का भी नुकसान हुआ है.
APMC की दीवार गिरने से एक भैंस की दबकर मौत हो गई. आर्थिक नुकसान की बात करें तो, वालावाव चौकड़ी पर दुकानों के शेड उड़ने से व्यापारियों को लाखों की चोट पहुंची है. वहीं, APMC में खुले में रखी तंबाकू की सैकड़ों बोरियां बारिश की भेंट चढ़ गईं. बिन मौसम बारिश की सबसे ज्यादा मार अन्नदाता पर पड़ी है. तैयार खड़ी तंबाकू, बाजरा और सब्जियों की फसलें इस बेमौसम बारिश में बर्बाद हो गई हैं. साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिलता देख किसानों की आंखों में आंसू हैं. अब किसान सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
मेहसाणा जिले में बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है. जिले में कई जगहों पर ओले और तेज हवाओं के साथ बेमौसम बारिश (मावठू) हुई है. मेहसाणा, विसनगर, बहुचराजी, सांपावाडा और ऊंझा क्षेत्र में बारिश हुई. बारिश के चलते भले ही मौसम में ठंडक घुल गई हो, लेकिन किसानों पर चिंता के बादल मंडराने लगे हैं. तेज हवाओं के कारण जिले के कई इलाकों से नुकसान की खबरें मिली हैं.
इधर, एशिया के सबसे बड़े ऊंझा गंज बाजार में भी बेमौसम बारिश ने कहर बरपाया है. अचानक हुई बारिश के कारण मार्केट यार्ड में खुले में रखा किसानों का माल भीग गया. फिलहाल ऊंझा यार्ड में मसाले की फसलों का सीजन जोरों पर चल रहा है, ऐसे में माल भीग जाने से किसानों और व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ है. बेमौसम बारिश से पैदा हुई इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऊंझा कृषि उपज बाजार समिति ने एक बड़ा फैसला लिया है. फैसले के मुताबिक 8 अप्रैल यानी बुधवार को मार्केट यार्ड में नीलामी का सारा कामकाज बंद रखा जाएगा. समिति द्वारा सभी किसानों और व्यापारियों से इस आधिकारिक सूचना का संज्ञान लेने की अपील की गई है.
साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर तहसील के कई ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश हुई. इससे किसानों की कई समस्याएं बढ़ गई हैं. साबरकांठा के वडाली समेत हिम्मतनगर तहसील के कई गांवों में गेहूं, चने, तंबाकू की फसल को नुकसान की आशंका है. इन सभी फसलों की कटाई चल रही है. मंडी में रखी उपजों के नुकसान की भी खबर है.
महीसागर जिले के लुणावाड़ा तहसील के तालधामोद, लालसर, साधकपुर, वखतपुर, सरोली, जुफराली और कडाछला सहित कई गांवों में मूसलाधार बारिश हुई. बालासिनोर तहसील के दौलतपोरडा गांव में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कों और खेतों में ओले बिछ गए. लुणावाड़ा के कोठंबा पंथक, सरोली, डेटा और खानपुर क्षेत्रों में भी ओलों के साथ बारिश ने काफी असर दिखाया. बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. खेतों में तैयार खड़ी फसलों को इस बेमौसम मार से भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.
बायड के अंदरूनी इलाकों में भी भारी बारिश हुई है. वरेना, बोरमठ, अर्जन वाव समेत कई गांवों में तेज हवाओं के साथ हवा के झोंके आए. कुछ इलाकों में ओले गिरने से खेती को भारी नुकसान होने की आशंका है. तूफानी हवा के कारण पेड़ हिल गए हैं और कुछ जगहों पर नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं. मौसम विभाग अभी भी बेमौसम बारिश की संभावना जता रहा है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है. फसलों के नुकसान के डर के बीच किसान आसमान में नजरें लगाए हुए हैं. उन्हें डर है कि बारिश और ओले से बची फसल भी बर्बाद न हो जाए. (तुषार पटेल, मनीष मिस्त्री, हसमुखभाई पटेल, वीरेन जोशी, हेताली शाह का इनपुट)