
बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार यह सिस्टम पूर्वोत्तर श्रीलंका तट के पास स्थित है और 10 जनवरी 2026 की दोपहर या शाम तक त्रिंकोमाली और जाफना के बीच मुल्लैतिवु के पास उत्तर श्रीलंका तट को पार करेगा. सिस्टम की रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी रही, जिस वजह से लैंडफॉल एक दिन आगे खिसक गया.
IMD के मुताबिक 10 जनवरी की सुबह 8.30 बजे यह डिप्रेशन 9.1 डिग्री उत्तर अक्षांश और 81.2 डिग्री पूर्व देशांतर के पास केंद्रित था. यह मुल्लैतिवु से करीब 50 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व, त्रिंकोमाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और जाफना से लगभग 140 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में स्थित था. भारत की बात करें तो यह सिस्टम कराईकल से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से करीब 450 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में देखा गया.
डिप्रेशन के असर से तमिलनाडु में 10 जनवरी को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 11 जनवरी को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 10 से 12 जनवरी के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. तटीय और आसपास के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में समुद्र की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है. यहां 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है, जो झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. IMD ने मछुआरों को 10 जनवरी को इन सभी क्षेत्रों और तमिलनाडु-पुडुचेरी तट के पास समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है. समुद्र की स्थिति में 10 जनवरी के बाद धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है.
श्रीलंका को लेकर मौसम विभाग ने पहले ही उत्तरी, उत्तर-मध्य, पूर्वी और पश्चिमी प्रांतों समेत कई इलाकों में तेज हवा और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ प्रांतों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना जताई गई है. उत्तरी प्रांत में शनिवार तक तेज हवाएं बनी रह सकती हैं, जबकि अन्य इलाकों में धीरे-धीरे असर कम होगा.
डिप्रेशन से अलग उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप जारी है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कई इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा दर्ज किया गया. बिहार और राजस्थान में कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले 5 से 7 दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा बना रह सकता है.
IMD ने तमिलनाडु के किसानों को भारी बारिश से पहले धान, मक्का, उड़द, लौंग और काली मिर्च जैसी तैयार फसलों की कटाई जल्द पूरी करने की सलाह दी है. साथ ही खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था, सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा देने और पशुओं को ठंड से बचाने के निर्देश दिए गए हैं.