
बीते कई दिनों से देशभर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. साथ ही कोहरे ने भी चिंता बढ़ा रखी है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर उत्तर भारत समेत देश के बड़े हिस्से में घने कोहरा, कड़ाके की ठंड और शीतलहर का दौर अगले कई दिनों तक जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि रात और सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रहने से आम जनजीवन, परिवहन और खेती पर असर पड़ सकता है.
आईएमडी के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में अगले 5 से 7 दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत में भी अगले 4 से 5 दिनों तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है.
वहीं, हिमाचल प्रदेश में 3 और 4 जनवरी को शीतलहर की चेतावनी है, जबकि हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 से 6 जनवरी, पंजाब में 4 से 6 जनवरी और राजस्थान में 8 और 9 जनवरी को शीतलहर के हालात बन सकते हैं. बिहार में 4 और 5 जनवरी को कोल्ड डे की स्थिति रहने का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तराखंड और मेघालय में पाले की भी चेतावनी दी गई है.
तापमान के रुझान पर नजर डालें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. मध्य भारत में फिलहाल खास बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन बाद में हल्की गिरावट संभव है.
इसके अलावा पूर्वी भारत में पहले हल्की बढ़ोतरी और फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट का अनुमान है. बीते दिन मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान हरियाणा के नारनौल में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया.
दिल्ली-एनसीआर के मौसम की बात करें तो यहां 5 जनवरी तक आसमान साफ रहेंगे, लेकिन सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा देखने को मिलेगा. 3 और 4 जनवरी की सुबह कुछ इलाकों में विजिबिलिटी काफी कम रह सकती है. इस दौरान न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 17 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. हवाएं सामान्य रहेंगी, लेकिन सुबह के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा.
अन्य राज्यों की स्थिति देखें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर दृश्यता शून्य के करीब रिकॉर्ड की गई है. बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी कई स्थानों पर 50 मीटर से कम दृश्यता दर्ज हुई है. दक्षिण भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है. तमिलनाडु में कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि केरल में भी चुनिंदा स्थानों पर तेज बारिश हुई है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.
खेती किसानी के लिहाज से यह मौसम चुनौती और सावधानी दोनों का संकेत दे रहा है. शीतलहर और पाले से रबी फसलों को नुकसान का खतरा है. कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि गेहूं, सरसों और सब्जी फसलों में हल्की और बार बार सिंचाई शाम के समय करें, ताकि फसलों को ठंड से बचाया जा सके. सब्जी की नर्सरी और युवा पौधों को पुआल या पॉलीथीन से ढकने की जरूरत है. पशुपालकों को पशुओं को ठंड से बचाने और रात में खुले में न बांधने की सलाह दी गई है.