
देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. 21 जून के को कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, विदर्भ, तेलंगाना, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बने रहने की आशंका है. मध्य और पूर्वी भारत में तेज गरज-चमक और आंधी की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं.
मॉनसून की स्थिति पर नजर डालें तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मॉनसून आगे बढ़ सकता है. इससे कई इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है.
IMD के मुताबिक, 21 जून को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगह अच्छी बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत में बिहार और ओडिशा में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है.
उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है. राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है. हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और तेज हवाओं से कुछ राहत मिल सकती है. मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
दिल्ली-एनसीआर में 21 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है. दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, गरज-चमक, धूलभरी आंधी और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
वहीं, 22 जून को भी राजधानी में हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है. इसके चलते तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है और अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. 23 जून को भी बादल बने रहने और मौसम थोड़ा राहतभरा रहने की संभावना है.
22 जून के बाद पश्चिमी तट और दक्षिण भारत में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है. कोंकण-गोवा, केरल, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं. पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश जारी रह सकती है.
उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में धीरे-धीरे हल्की कमी आने की संभावना है. वहीं देश के बाकी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है. जिन इलाकों में मॉनसून आगे बढ़ेगा वहां मौसम में राहत महसूस हो सकती है.
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट है वहां खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें. धान की नर्सरी, सब्जियों और बागवानी फसलों में जलभराव नहीं होने दें. तेज हवा और बारिश वाले इलाकों में कटी हुई फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें.
जिन क्षेत्रों में लू की स्थिति बनी हुई है वहां सब्जियों और फलदार पौधों में हल्की सिंचाई करें. खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग अपनाएं. पशुओं को पर्याप्त साफ पानी दें और उन्हें लंबे समय तक खुले में न रखें.