इन राज्‍यों में जमकर होगी बारिश, दिल्‍ली-NCR में गर्मी-उमस! जानें रक्षाबंधन पर कहां-कैसा रहेगा मौसम

इन राज्‍यों में जमकर होगी बारिश, दिल्‍ली-NCR में गर्मी-उमस! जानें रक्षाबंधन पर कहां-कैसा रहेगा मौसम

IMD के मुताबिक 28 अगस्त को कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा. यूपी, एमपी और राजस्थान के कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा है. दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान 34-36°C तक पहुंच सकता है.

Weather News aaj ka mausamWeather News aaj ka mausam
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 28, 2026,
  • Updated Aug 28, 2026, 7:00 AM IST

देशभर में इन दिनों मौसम का अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है. कहीं भारी बारिश तो कहीं गर्मी और उमस जैसे हालात बने हुए हैं. इस बीच, भारत मौसम विभाग विभाग ने आज रक्षाबंधन के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि 28 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं दिल्ली-NCR में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तापमान बढ़ने का अनुमान है.

इन राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार 28 अगस्त को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वोत्तर राज्यों और कोंकण-गोवा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक और केरल में भी बारिश का दौर बना रहेगा. मध्य प्रदेश में पूर्वी हिस्सों के साथ कुछ अन्य इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. छत्तीसगढ़ में भी कई जगह बारिश होने की संभावना है. 

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है. वही, पूर्वी भारत में झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में बारिश जारी रहने की संभावना है. बिहार में 28 अगस्त को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है.

इधर, पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा. असम और मेघालय में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है.

यूपी में कई इलाकों में सतर्कता जरूरी

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में 28 अगस्त को बारिश की गतिविधि पिछले दिनों के मुकाबले कमजोर रह सकती है. हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले हुई भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बना रह सकता है.

मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, औरैया, बदायूं, एटा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, झांसी, कासगंज, मैनपुरी, मथुरा और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड के जोखिम की चेतावनी दी है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त और 1 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है.

रक्षाबंधन पर दिल्ली-NCR का मौसम कैसा रहेगा

IMD के अनुसार, आज दिल्ली-NCR में बारिश के आसार कम हैं. यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा की गति करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. दोपहर में हवा की रफ्तार घटने की संभावना है. ऐसे में राखी के मौके पर बाहर निकलने वालों को बारिश की तुलना में गर्मी और उमस का सामना ज्यादा करना पड़ सकता है.

राजस्थान और हिमालयी राज्यों में भी मौसम बदलेगा

वहीं, पूर्वी राजस्थान में 28 अगस्त को छिटपुट बारिश की संभावना है. उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने का अनुमान है.

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में कई जगह बारिश हो सकती है. गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है.

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में बारिश जारी रहने की संभावना है. केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक हो सकती है.

IMD की किसानों के लिए जरूरी सलाह

बारिश वाले इलाकों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें. जलभराव वाले खेतों में खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि रसायनों का इस्तेमाल फिलहाल टालना बेहतर है. पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान, दलहन, तिलहन, सब्जियों और अन्य फसलों में जलभराव न होने दें.

मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी खेतों की नालियों और जलनिकासी व्यवस्था को साफ रखें. तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में केले, टमाटर, मिर्च और अन्य कमजोर फसलों को सहारा दें. कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें.

MORE NEWS

Read more!