
मॉनसून की सक्रियता के बीच 27 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, औरैया, बदायूं, एटा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, झांसी, कासगंज, मैनपुरी, मथुरा और शाहजहांपुर में निचले इलाकों में पानी भरने और तेज बारिश के बाद अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका है. वहीं, मध्य प्रदेश के भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी और राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर और करौली में भी सतर्कता बरतने की बात कही है.
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र मौसम को प्रभावित कर रहा है. इसके असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 से 27 अगस्त तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 27 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला बना रहेगा.
IMD के मुताबिक, दिल्ली में 27 अगस्त को मौसम सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रहेगा. सुबह से पूर्वाह्न के बीच कई जगह बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह पश्चिम दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी, जबकि दोपहर के बाद हवा दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने की संभावना है.
बिहार में 27 अगस्त को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. झारखंड में 27 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश के आसार हैं. ओडिशा में 26 से 28 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है. इन इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी परेशान कर सकती हैं. विभाग ने बिहार में 26 अगस्त से 1 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई है.
मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में भी 26 से 29 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 29 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है. इन राज्यों में 26 से 30 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की गतिविधियां भी हो सकती हैं.
कोंकण और गोवा में 26 अगस्त से 1 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है. गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना है.
IMD के अनुसार, उत्तराखंड में 26 अगस्त से 1 सितंबर तक बारिश की गतिविधि बनी रहने का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी आने वाले दिनों में बारिश बढ़ सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है.
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी का इंतजाम करें और निचले खेतों में जलभराव न होने दें. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और मध्य प्रदेश में बारिश के दौरान खाद, कीटनाशक और खरपतवार नियंत्रण जैसे काम टालना बेहतर रहेगा. सब्जियों, केले, टमाटर और दूसरी कमजोर फसलों को गिरने से बचाने के लिए सहारा दें. कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें. पशुओं को तेज बारिश के दौरान शेड में रखें और चारे को भी नमी से बचाकर सुरक्षित स्थान पर रखें.