भीषण गर्मी से मिलेगा छुटकारा, कई राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए आपके राज्‍य में कैसा रहेगा मौसम

भीषण गर्मी से मिलेगा छुटकारा, कई राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए आपके राज्‍य में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब करवट लेने वाला है. 28 मई से कई राज्यों में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और बारिश का दौर शुरू हो सकता है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में बड़ी गिरावट के संकेत हैं, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

aaj Ka Mausamaaj Ka Mausam
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 28, 2026,
  • Updated May 28, 2026, 7:00 AM IST

देश के कई हिस्सों में अगले 2-3 दिनों तक लू और भीषण लू का असर जारी रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के लिए लू का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं, 28 से 30 मई के बीच उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में तेज आंधी, धूलभरी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है. कई राज्यों में 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 

28 मई को कैसा रहेगा देशभर का मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, 28 मई को उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदलता नजर आएगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दिन के समय तेज गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन शाम और रात के दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और धूलभरी हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है. 

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रहने की संभावना है. 

दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम

दिल्ली-एनसीआर में 28 मई को दिन की शुरुआत तेज गर्मी और गर्म हवाओं के साथ हो सकती है. अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि, शाम और रात के समय मौसम अचानक बदल सकता है. मौसम विभाग ने गरज-चमक, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं.

29 मई को दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज आंधी की संभावना है. तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज हो सकती है और अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. 30 मई को भी बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर बना रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिल सकती है. 

आगे मौसम का ऐसा रहेगा हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में 29 मई से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है. कई इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं.

मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है. वहीं, तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से लू का असर कमजोर पड़ सकता है.

पूर्वी भारत के बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है. ओडिशा और बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका भी जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, 29 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट शुरू हो सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं.

खेती-किसानी और पशुपालन के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को तेज आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के इंतजाम करने की सलाह दी है. जिन क्षेत्रों में तेज हवाओं की संभावना है वहां कटाई के बाद की उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और तिरपाल से ढकने को कहा गया है. फलदार पौधों और सब्जियों को सहारा देने की सलाह भी दी गई है ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो सके. 

हीटवेव वाले इलाकों में किसानों को हल्की सिंचाई, मल्चिंग और सुबह-शाम सिंचाई करने की सलाह दी गई है. वहीं भारी बारिश वाले राज्यों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए बेहतर जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है. पशुपालकों को पशुओं के लिए साफ पानी, छायादार स्थान और संतुलित आहार उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है. 

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