
जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिन मौसम बेहद खराब रहने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान लगातार बारिश, तेज गरज-चमक और कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है. खासकर जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक बाढ़, भूस्खलन (लैंडस्लाइड), कीचड़ बहने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा. ऐसे में प्रशासन ने लोगों, किसानों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.
श्रीनगर स्थित IMD केंद्र के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार भारी मात्रा में नमी जम्मू-कश्मीर की ओर पहुंच रही है. इसके साथ ही मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से राज्य में बारिश की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं. इसी वजह से 19 से 23 जुलाई तक अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. मौसम विभाग ने बताया कि 21 से 23 जुलाई के बीच कश्मीर संभाग के कई इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, 20 से 23 जुलाई के दौरान जम्मू संभाग के रियासी, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, डोडा, रामबन, किश्तवाड़, कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.
IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला, गुलमर्ग, पहलगाम और जोजिला जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और मडस्लाइड का खतरा काफी बढ़ जाएगा. कई संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ आने की भी संभावना है. बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. निचले इलाकों में जलभराव और हल्की बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. इससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है. साथ ही बादल फटने जैसी घटनाओं की संभावना को भी पूरी तरह से नकारा नहीं गया है.
मौसम विभाग और प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों को फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी है. खासकर अमरनाथ यात्रा मार्ग और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों से कहा गया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें. ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. साथ ही प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की भी अपील की है.
लगातार बारिश और तेज नमी को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में खाद और रासायनिक दवाओं का छिड़काव फिलहाल रोकने की सलाह दी है. बारिश के दौरान छिड़काव करने से दवाओं का असर कम हो सकता है और फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है. साथ ही किसानों से खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर रखने और मौसम सामान्य होने तक खेती से जुड़े जोखिम वाले कार्यों से बचने को कहा गया है.
पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक राजौरी ARG में 135 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा रियासी AWS में 106 मिमी, उधमपुर में 101.6 मिमी, कटरा में 85 मिमी, पुंछ में 77 मिमी और बटोटे में 57.2 मिमी बारिश दर्ज की गई. लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है.
राजौरी जिले में रातभर हुई भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली. उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया.
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी और पुंछ जिलों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, SDRF और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें तुरंत राहत उपलब्ध कराई जाए. साथ ही आपातकालीन टीमों को हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा जाए.
मौसम विभाग के अनुसार 24 से 27 जुलाई के दौरान भी जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. हालांकि इस दौरान बारिश की तीव्रता पहले की तुलना में कुछ कम रहने की संभावना है. फिर भी प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और लैंडस्लाइड वाले क्षेत्रों से दूर रहने, यात्रा सोच-समझकर करने और मौसम विभाग द्वारा जारी सभी सलाहों का पालन करने की अपील की है. (इनपुट- फ़रीद)
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