
बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान ‘ARNAB’ में तब्दील हो चुका है. तूफान के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति' (NCMC) की बैठक कर राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की.
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘ARNAB’ के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है. यह तूफान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच से गुजरेगा.
तट से टकराते समय हवा की गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा हो सकती है, जो बढ़कर 140 किमी प्रति घंटे के झोंकों तक पहुंच सकती है.
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी (यानम) को हाई अलर्ट पर रखा है. इसके अलावा, तूफान के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है और प्रशासनिक तंत्र को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं.
NDRF और SDRF: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य की SDRF टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है, जबकि अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है.
सेना बल मुस्तैद: थल सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल (Coast Guard) की राहत और बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
मछुआरों के लिए चेतावनी: मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.
बैठक में कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की पहली प्राथमिकता 'शून्य जनहानि' (Zero Casualty) सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि तूफान से बिजली, पानी या संचार सेवाएं बाधित होती हैं, तो उन्हें कम से कम समय में बहाल करने की पूरी तैयारी रखी जाए.
गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पल-पल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
ओडिशा में चक्रवात को देखते हुए खास सावधानी बरती जा रही है. प्रदेश के कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे 80-85 प्रतिशत तक पक चुकी फसलों की कटाई कर लें और उन्हें सुरक्षित तरीके से भंडारित कर लें.
किसानों की मदद के लिए विशेष कृषि हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं. आने वाले चक्रवात के असर से सोमवार से ओडिशा के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कुल 24 ODRAF (ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल) और 6 NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमों को तैनात किया गया है."
बयान में आगे कहा गया कि राज्य की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को ध्यान में रखते हुए, जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं.(जितेंद्र बहादुर सिंह का इनपुट)