यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के अन्नदाता किसानों को सरकार की हर योजना का पूरा लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाए. शाही ने किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र देने सहित अन्य योजनाओं का लाभ, पात्र किसानों तक पहुंचने की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसान कल्याण की विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं. पात्र किसानों को इनका लाभ समय पर बिना किसी असुविधा के मिल सके, इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया. शाही ने कहा कि किसान कल्याण की योजनाओं काे समावेशी सोच के साथ इस प्रकार लागू किया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसानों का हित सुनिश्चित हो सके.
कृषि मंत्री शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के मुताबिक कृषि अधिकारी किसानों के प्रति संवेदनशील रहकर किसान कल्याण की योजनाओं काे जमीनी स्तर पर लागू करें. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस लघु एवं सीमांत किसानों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में सब्सिडी पर कृषि यंत्र मुहैया कराने पर है. इससे छोटे किसानों के लिए खेती करना आसान होगा. इसके मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों को इच्छुक पात्र किसानों को आसानी से कृषि यंत्र उपलब्ध कराने को कहा.
ये भी पढ़ें, एग्री मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी देगी ये सरकार, अप्लाई करने का जान लें तरीका
शाही ने इस योजना के लाभार्थी किसानों का पोर्टल पर आधार कार्ड अपलोड किए जाने की अनिवार्यता का पालन सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में पात्र किसानों के बजाए फर्जी तरीके से अपात्र लोग सब्सिडी ले लेते हैं.
इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ही पंजीकृत किसान के आधार कार्ड को विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य किया गया है. उन्होंने कहा कि डुप्लीकेसी को रोकने के लिए कृषि यंत्रों को लेने वाले किसानों की मॉनिटरिंग की जाय. जिससे इस योजना का लाभ पात्र किसानों को ही मिले.
ये भी पढ़ें, Sarkari Yojana: कीमत से आधे दाम में खरीदें रेफ्रिजरेटेड वाहन, सरकार दे रही 13 लाख की सब्सिडी
यूपी में कृषि यंत्र योजना के तहत पात्र किसानों को 10 हजार रुपये से कम मूल्य वाले कृषि यंत्र अनुदान पर दिए जाते हैं. शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों को विभिन्न जनपदों में स्टॉल लगाकर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएं. जिससे किसानों को अपनी जरूरत के कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए शहर दर शहर बाजार में न भटकना पड़े.
उन्होंने कहा कि किसानों को बिना किसी असुविधा के कृषि यंत्र मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग के सभी मंडलों में तैनात संयुक्त निदेशक, समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करें. साथ ही किसान कल्याण केंद्रों सहित अन्य माध्यमों से किसानों को भी कृषि यंत्रों के उपयोग के संबंध में जागरूक किया जाए.
उन्होंने कृषक उत्पादक समूहों (एफपीओ) के संबंध में कहा कि इनका शक्ति पोर्टल पर पंजीकरण करने की प्रक्रिया पूरी की जाए. शक्ति पोर्टल पर एफपीओ के पंजीकरण के लिए जरूरी है कि एफपीओ का गठन कम से कम एक साल पहले हाे चुका हो और उससे कम से कम 50 किसान, सदस्य के रूप में जुड़ गए हों.