लघु सिंचाई योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, BJP विधायक ने सीएम योगी से की जांच की मांग

लघु सिंचाई योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, BJP विधायक ने सीएम योगी से की जांच की मांग

बांदा सदर से बीजेपी विधायक प्रकाश द्विवेदी ने लघु सिंचाई विभाग की योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. विधायक का कहना है कि ब्लास्टिंग कूप, चेकडैम और अन्य सिंचाई परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन कई काम या तो अधूरे हैं या उनकी क्वालिटी बेहद खराब है. मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी पैसे की रिकवरी की मांग की गई है.

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सिद्धार्थ गुप्ता
  • बांदा,
  • Aug 19, 2026,
  • Updated Aug 19, 2026, 12:11 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लघु सिंचाई विभाग की योजनाओं में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है. बांदा सदर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक प्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार ने किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए ब्लास्टिंग कूप, चेकडैम, बोरिंग और अन्य योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये का बजट दिया था. लेकिन कई जगहों पर काम केवल कागजों में पूरा दिखाया गया, जबकि जमीन पर परियोजनाएं अधूरी हैं या उनकी क्वालिटी खराब है. इससे सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है.

विधायक ने की सीएम योगी से शिकायत

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी बुंदेलखंड क्षेत्र के एक बीजेपी विधायक ने जलशक्ति मंत्री के सामने विभागीय कार्यों की जमीनी हकीकत रखकर अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी. अब बांदा सदर विधायक ने भी इसी तरह की शिकायत मुख्यमंत्री से की है.

मामले की पड़ताल के दौरान करतल और फतेहगंज क्षेत्र के गोबरी गांव में उन ब्लास्टिंग कूपों को देखा गया, जो किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए बनाए गए थे. ग्रामीणों और लाभार्थी किसानों का आरोप है कि कूपों की केवल खुदाई की गई, लेकिन नियमानुसार ब्लास्टिंग समेत अन्य जरूरी काम नहीं किए गए. कई कूपों में पानी भी नहीं है, जबकि इनका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना था.

ग्रामीणों और किसानों ने निर्माण कार्य की क्वालिटी पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. किसानों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

वहीं, इस मामले में लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पी.एन. गौतम से सवाल पूछे गए तो उन्होंने इस पर स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया. दूसरी ओर, प्रशासन स्तर पर जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई और रिकवरी के आदेश दिए जाने की बात भी सामने आई है.

अब इस मामले में सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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