
उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए खुशियों वाली खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न कृषि योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्रों एवं कृषि रक्षा उपकरणों के वितरण के लिए आगामी 20 और 21 अगस्त, 2026 को जनपद स्तर पर ई-लॉटरी का आयोजन किया जाएगा. प्रदेश स्तर पर हो रही बुकिंग की ई-लॉटरी निदेशालय स्तर से 21 अगस्त, 2026 को संपन्न कराई जाएगी. कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जनपदीय उप कृषि निदेशकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
प्रदेश के कृषि निदेशक टीएम त्रिपाठी से मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन तथा अन्य संबंधित योजनाओं के अंतर्गत किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर 16 जुलाई से 10 अगस्त, 2026 तक बुकिंग की गई थी. इस प्रक्रिया में जिन कृषि यंत्रों के लिए लक्ष्य से अधिक बुकिंग हुई है, उनका चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि इसके विपरीत, जिन योजनाओं (जैसे- प्रमोशन आफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू मैनेजमेंट आफ क्राप रेज़िड्यू) में लक्ष्य की सीमा तक ही बुकिंग प्राप्त हुई है, उन सभी किसानों की बुकिंग 19 अगस्त, 2026 को कंफर्म कर दी जाएगी और उनके लिए ई-लॉटरी की कोई आवश्यकता नहीं होगी.
कृषि निदेशक टीएम त्रिपाठी के मुताबिक, ई-लॉटरी की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति (डीएलएससी) के सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है. निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि ई-लॉटरी यथा-संभव ऐसे सार्वजनिक स्थान पर कराई जाए जहां अधिक से अधिक किसान इसे देख सकें. इसके लिए आयोजन स्थल पर बड़ी स्क्रीन और लाउडस्पीकर लगाने के साथ-साथ संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराना भी अनिवार्य होगा.
वहीं, पारदर्शिता के प्रदर्शन के लिए जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की सहमति से किसानों के मध्य मॉक ड्रिल भी कराया जा सकता है. जनपद स्तर पर ई-लॉटरी के लिए निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान का चयन कर 19 अगस्त तक अनिवार्य रूप से निदेशालय को निर्धारित प्रारूप पर अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रचार-प्रसार हेतु इसे विभागीय पोर्टल पर प्रदर्शित किया जा सके.
टीएम त्रिपाठी ने आगे बताया कि ई-लॉटरी के दौरान उपस्थित समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर युक्त उपस्थिति पंजिका की पीडीएफ फाइल भी अनिवार्य रूप से विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. वहीं, संबंधित जनपदों के आवेदकों को ई-लॉटरी की सूचना स्थानीय समाचार पत्रों, दूरभाष और लिखित रूप में विभागीय कार्मिकों के माध्यम से प्रदान की जाएगी.
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