यूपी में 12 अक्टूबर के बाद मिलेगा भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा, निर्देश जारी

यूपी में 12 अक्टूबर के बाद मिलेगा भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा, निर्देश जारी

UP News: राहत आयुक्त ने कहा कि किसान हित सर्वोपरि है और किसी भी प्रभावित किसान का अहित नहीं होना चाहिए. फसल क्षति का आकलन केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर नहीं होगा. जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर सर्वे की स्थिति देखेंगे और इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे.

crop loss फसल नुकसान का जल्‍द मिलेगा मुआजवा (सांकेतिक तस्‍वीर)crop loss फसल नुकसान का जल्‍द मिलेगा मुआजवा (सांकेतिक तस्‍वीर)
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Oct 07, 2026,
  • Updated Oct 07, 2026, 7:04 AM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाल में चक्रवात, अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए फसल क्षति का तेजी से  आकलन कराने के निर्देश दिए हैं. राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए 12 अक्टूबर तक राहत पोर्टल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के अनुसार फसल क्षति की फीडिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी.

डीएम खुद मौके पर जाकर देखेंगे फसल नुकसान

राहत आयुक्त ने कहा कि किसान हित सर्वोपरि है और किसी भी प्रभावित किसान का अहित नहीं होना चाहिए. फसल क्षति का आकलन केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर नहीं होगा. जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर सर्वे की स्थिति देखेंगे और इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे.

डिजिटल सर्वे से होगा फसल नुकसान का सटीक आकलन

बाढ़ के पानी में डूबी फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जाएगा. इससे खेतों में हुई वास्तविक क्षति का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा. डिजिटल सर्वे से मिली जानकारी के आधार पर पात्र किसानों को उनकी फसल के नुकसान के अनुसार नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी. उप जिलाधिकारी और तहसीलदार डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस-वेरिफिकेशन भी करेंगे.

आईएमडी के आंकड़ों से तय होगी वास्तविक बारिश

फसल क्षति का आकलन अधिक वैज्ञानिक और तथ्यपरक बनाने के लिए आईएमडी और एडब्ल्यूएस-एआरजी की रिपोर्ट व आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जाएगा. इससे संबंधित क्षेत्रों में वास्तव में कितनी बारिश हुई, इसका सही आकलन किया जा सकेगा. वर्षा के वास्तविक आंकड़ों और डिजिटल सर्वे को आधार बनाकर फसल नुकसान का निर्धारण किया जाएगा.

12 अक्टूबर तक पूरा करना होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर स्थिति में 12 अक्टूबर तक राहत पोर्टल पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के अनुसार फसल क्षति की फीडिंग पूरी कर ली जाए. जिलों में सर्वे की प्रगति प्रतिदिन गूगल शीट और पोर्टल पर दर्ज करनी होगी. बजट की मांग भी पोर्टल पर दर्ज वास्तविक आंकड़ों के आधार पर ही की जाएगी.

वास्तविक नुकसान के आधार पर मिलेगी राहत

उन्होंने बताया कि फसल सर्वे से पहले संबंधित खसरा और अन्य राजस्व अभिलेखों की जांच की जाएगी. इससे पिछले वर्ष बोई गई फसल की जानकारी मिल सकेगी और वर्तमान फसल तथा उसे हुई क्षति का सही आकलन करने में मदद मिलेगी. इससे पात्र किसानों तक राहत पहुंचाने में पारदर्शिता बढ़ेगी.

बाढ़ के साथ बारिश और चक्रवात से हुए नुकसान का भी सर्वे

डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक, सरकार ने केवल बाढ़ से हुई फसल क्षति ही नहीं, बल्कि भारी बारिश और चक्रवात के प्रभाव से हुए नुकसान को भी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. संबंधित जिलों को निर्धारित गूगल शीट पर इन सभी आंकड़ों को अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा. वहीं, आंकड़ों में किसी तरह की भिन्नता मिलने पर संबंधित अधिकारी को उसका स्पष्ट कारण बताना होगा.

किसानों को समय पर मिलेगी राहत

योगी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत और सहायता वितरण की पूरी प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए. प्रभावित किसानों को समय पर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. राहत आयुक्त ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन की आधारशिला हैं. इसलिए सभी अधिकारी किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करें.

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