बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, PMFBY के तहत 72 घंटे में करें क्लेम, किसानों से अपील

बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, PMFBY के तहत 72 घंटे में करें क्लेम, किसानों से अपील

बेमौसम बारिश से कई राज्यों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना दें ताकि बीमा क्लेम मिल सके. योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज अनिवार्य हैं.

PMFBY के तहत बीमा कराने की आज यानी 15 जनवरी लास्ट डेट है. PMFBY के तहत बीमा कराने की आज यानी 15 जनवरी लास्ट डेट है.
क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Mar 27, 2026,
  • Updated Mar 27, 2026, 4:23 PM IST

देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है. उत्तर भारत के कई राज्य मौसम की इस मार से जूझ रहे हैं. इस परेशानी को देखते हुए राज्य सरकारों ने किसानों से नुकसान की जानकारी देने की अपील की है. सरकारों ने कहा है कि फसल नुकसान की जानकारी जितनी जल्द दी जाएगी, बीमा क्लेम का लाभ मिलने में उतनी सहूलियत होगी. इसके लिए किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानी PMFBY के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा.  

जिन राज्यों में बारिश से फसलों को नुकसान है, उनमें एक राजस्थान भी है जहां सरसों की बड़े पैमाने पर खेती होती है. इस नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने कहा है कि कटाई के बाद हुए नुकसान पर भी मुआवजा मिलेगा, लेकिन इसकी सूचना 72 घंटे में देना जरूरी है. इसके लिए नंबर भी जारी किया गया है जिसमें किसान 1447 पर डायल कर कर सकते हैं. इसके अलावा, किसान PMFBY चैटबॉट के माध्यम से भी फसल खराबे की जानकारी दर्ज करा सकते हैं.

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी

बाकी राज्यों के किसान भी फसल बीमा योजना का लाभ लेते हुए फसलों में हुए नुकसान का क्लेम ले सकते हैं. इसके लिए उन्हें बैंक, सहकारी समिति या PMFBY पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. ध्यान रहे कि जिन किसानों ने इस योजना के अंतर्गत फसल बीमा का रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें ही इसका फायदा मिलेगा. योजना के मुताबिक, खरीफ के लिए 2 परसेंट, रबी के लिए 1.5 परसेंट और नकदी फसलों के लिए 5 फीसद प्रीमियम देना होता है. 

फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें हैं जिसका पालन किसानों को करना जरूरी है. इस योजना की पात्रता की बात करें तो अधिसूचित क्षेत्र में फसल उगाने वाले ऋणी यानी लोन लेने वाले और गैर-ऋणी (लोन नहीं लेने वाले) दोनों किसान पात्र हैं. हालांकि इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऋणी और गैर-ऋणी किसानों के लिए अलग-अलग नियम हैं. 

आम तौर पर बैंक द्वारा फसल लोन लेते ही उसका बीमा अपने आप हो जाता है. इसके लिए किसान को केवल एक फॉर्म भरना होता है. गैर-ऋणी किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक ब्रांच या PMFBY पोर्टल या ऐप पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. 

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की बात करें तो इसमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी या जमीन के कागजात, फसल का सबूत यानी बुआई प्रमाण पत्र और बटाईदार होने पर अनुबंध पत्र देना होता है. प्रीमियम जमा करने की भी समय सीमा तय की गई है जो आमतौर पर 31 जुलाई खरीफ के लिए है. इस तारीख से पहले किसान को प्रीमियम जमा कराना होता है.

72 घंटे के भीतर सूचना देना जरूरी

फसल बीमा का लाभ लेने के लिए नुकसान की सूचना समय पर देना बहुत जरूरी है. नियम के मुताबिक, फसल खराब पर 72 घंटे के भीतर बैंक, कृषि विभाग या बीमा कंपनी को सूचित करना होता है. किसान किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 1447 पर कॉल कर सकते हैं. फसल नुकसान का आकलन 'क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट' के आधार पर राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, जिसके बाद मुआवजा सीधे बैंक खाते में आता है.

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