Cabinet Decision: पीएम-किसान योजना 2030-31 तक जारी रहेगी, किसानों को मिलते रहेंगे सालाना 6,000 रुपये

Cabinet Decision: पीएम-किसान योजना 2030-31 तक जारी रहेगी, किसानों को मिलते रहेंगे सालाना 6,000 रुपये

केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना को 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती रहेगी.

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  • New Delhi,
  • Jul 31, 2026,
  • Updated Jul 31, 2026, 5:05 PM IST

केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना को 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती रहेगी.

केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (pm kisan) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी गई.

अब तक 4.47 लाख करोड़ रुपये बांटे

सरकार ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही देश की समृद्धि का आधार है. पीएम-किसान योजना के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में तीन समान किस्तों में भेजी जाती है. यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही तय होती है.

सरकार के अनुसार, फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों के खातों में सीधे भेजी जा चुकी है. 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला और 18,984 करोड़ रुपये जारी किए गए.

कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस योजना ने किसानों को राहत पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इस अवधि में किसानों को 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई.

महिला किसानों को मिला सबसे अधिक लाभ

महिला किसानों को भी योजना का बड़ा लाभ मिला है. सरकार के मुताबिक अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिला किसानों के खातों में पहुंची है और कुल लाभार्थियों में लगभग हर चौथा किसान महिला है.

सरकार का कहना है कि पीएम-किसान से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग किसान बीज, खाद सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य कृषि जरूरतों पर कर रहे हैं. इससे कृषि निवेश बढ़ा है, अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता घटी है और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.

नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की रिपोर्ट के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने सहायता राशि का उपयोग कृषि कार्यों और निवेश में किया. वहीं 85 प्रतिशत किसानों ने कृषि आय में सुधार और सेठ-साहूकारों से कर्ज पर निर्भरता कम होने की पुष्टि की. सरकार ने बताया कि साल 2020-21 से 2025-26 के बीच खाद्यान्न उत्पादन में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान खेती का रकबा 9.65 प्रतिशत, उत्पादकता 10.53 प्रतिशत और कुल खाद्यान्न उत्पादन 21.18 प्रतिशत बढ़ा.

सरकार का मानना है कि पीएम-किसान योजना का विस्तार किसानों की निवेश क्षमता बढ़ाने, कृषि जोखिम कम करने, उत्पादकता सुधारने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा. यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में किसानों को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है.

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