
UP News: प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रयागराज और कौशांबी के सेबिया व सफेदा अमरूद की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर ओमान के लिये रवाना किया. मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि अभी पहली खेप में 6 कुंटल सेबिया व सफेदा अमरूद भेजा गया है. उन्होंने बताया कि अमरूद की इस पहले खेप को भेजने का जिम्मा प्रयागराज की कंपनी माइस ओवरसीज को सौंपा गया है. राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आगे बताया कि इस अमरूद को कंपनी द्वारा बाजार मूल्य से अधिक रेट पर खरीदकर ओमान भेजा गया है. इससे किसानों की आय डबल हो रही है. आपको बता दें कि कौशांबी जिले में सेबिया अमरूद को गरीब का सेब भी कहा जाता है. अभी तक इस अमरूद को लोग इलाहाबादी सेबिया अमरूद के रूप मे जानते थे लेकिन अब लोग कौशांबी का सेबिया नाम से जानते है.
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उनके संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों की आय दुगुना करने के निरंतर कार्य किये जा रहे है. प्रदेश के किसानों के उत्पादो को विदेशी बाजारों तक पहुचाने का कार्य किया जा रहा है. अभी हाल ही में लखनऊ के आम को रूस के मास्को भेजा गया था, जहां पर लखनऊ के आम की तारीफ के साथ ही यहां के 80 रूपये प्रति किलो आम के वहां पर 800 रूपये प्रति किलो तक मूल्य मिला.
उद्यान मंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध अपने रंग और स्वाद के लिये पहचान वाला प्रयागराज और कौशाम्बी का सेबिया और सफेदा अमरूद ओमान भेजा गया है. गंगा यमुना के बीच प्रयागराज और कौशाम्बी की भूमि एवं जलवायु की विशेषता में पैदा होने वाला सेबिया और सफेदा अमरूद विश्व के अन्य स्थानों पर उत्पादित अमरूद से अधिक स्वादिष्ट होता है. इस अमरूद की ओमान में अधिक मांग है और वहां की मांग के तहत अभी पहली खेप में 6 कुन्टल अमरूद आज कारगो से भेजा गया है और किसानों को यहां के बाजार मूल्य से अधिक दर से भुगतान भी मिल रहा है. उन्होंने बताया कि किसानों के अमरूदों को निर्यात कम्पनी द्वारा सीधे उनके खेतों से खरीदा गया. किसानों को अपने खेत पर ही यहां के बाजार भाव से अधिक दाम मिल गया और किसानों को मंडी तक जाने की जरूरत नहीं पड़ी.
उद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न उत्पादों आम, अमरूद, मिर्ची की दुनिया के बाजारों में पहुंचाकर किसानों की आय दुगुनी करने के सपनों को पूरा किया जा रहा है. प्रदेश के किसानों का उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए विश्व पटल पर किसानों का उत्पाद पहुंचाने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं.
इलाहाबादी सेबिया अमरुद के नाम से पहचाना जाने वाला यह अमरुद कौशांबी जिले मे गंगा की तराई वाले इलाके में एक खास वातावरण के कारण पैदा होता है. जैसे- जैसे सर्दी बढती है, इन अमरूदों का रंग और अधिक सुर्ख हो जाता है. कौशांबी के बाजारों से आगे बढ़ कर देश व विदेश के कई बाजारों में सेबिया अमरुद अपनी मिठास की खुशबू बिखेर रहा है. सेबिया अमरूद की बागवानी करने वाले किसानों की माने तो उनका उपज देश की राजधानी दिल्ली, मध्य प्रदेश , बिहार, राजस्थान सहित कई प्रदेशों के अलावा अब पड़ोसी देश नेपाल और अब ओमान तक बिकने के लिए जाने लगा है.
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देश में अमरूद की बात हो तो इलाहाबादी अमरूद का नाम सबसे पहले लोगों की जुबां पर आता है. देश काल के बढ़ते क्रम में इलाहाबाद का नाम भले ही प्रयागराज हो गया है. लेकिन, अमरूद की पहचान आज भी पूरी दुनिया में इलाहाबादी अमरूद के नाम से होती हैं. यह नाम लोगों की जुबां पर पीढ़ियों से रचा बसा है.
इलाहाबादी अमरूद की बात करें तो सेबिया किस्म से शुरुआत करना लाजिमी है, जिसे देखकर ये शक करना जायज है कि ये सेब है या अमरूद है. असल में इलाहाबादी सेबिया अमरूद की एक किस्म है, जो बिल्कुल सेब की तरह दिखती है. वहीं इलाहाबाद की सबसे मशहूर सफेदा और सुर्खा प्रजाति की अमरूदों की महक विदेश के कोने- कोने तक फैली हुई है.इलाहाबादी सुर्खा की सबसे ज्यादा डिमांड है.इसकी पहचान लाल रंगत और लाजवाब स्वाद है. सर्दियों के मौसम में प्रयागराज में सेब से महंगी कीमतों पर इलाहाबादी अमरूद बिकता है.
इलाहाबादी सफेदा और सुर्खा अमरूद के दीवाने पूरे देश में है. आज भी यहां से गुजरने वाली ट्रेनों और बसों से जाने वाले लोग अपने साथ कोई मिठाई नहीं, बल्कि सर्दियों के मौसम में इलाहाबादी अमरूद को ले जाना पसंद करते हैं. क्योंकि इसका स्वाद और रंग के सामने देश के नामी हलवाई के हाथों से बनी मिठाई भी फीकी हैं. यहीं वजह है कि प्रयागराज में रहने वाले लोग आज भी सर्दियों के मौसम में अपने मेहमानों को इलाहाबादी खास अमरूद को भेंट करते हैं.