
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में शामिल है. दरअसल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यात्री सेवाओं के साथ-साथ एक बड़े कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया गया है. एयर इंडिया सैट्स द्वारा विकसित कार्गो सुविधा की शुरुआती क्षमता दो लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा. इससे ई-कॉमर्स, निर्यात और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलेगी. वहीं किसानों की आय में तीन गुना इजाफा होगा. आपको बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट से पहली कार्गो (मालवाहक) फ्लाइट 17 जून को उड़ान भरेगी.
सीएम योगी मे कहा कि जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो व एमआरओ केंद्र बनने जा रहा है. यहां अन्न, फल, मत्स्य, सब्जी आदि पैदा करने वाला उत्तर प्रदेश का किसान यहां कार्गो से अपने उत्पादों को दुनिया में पहुंचाएगा. स्थानीय बाजार में उसे दाम भले कम मिले, लेकिन दुनिया के बाजार में कई गुना दाम मिलेगा. आम का दाम यहां अधिकतम 50 रुपये पहुंचेगा, लेकिन दुनिया के बाजार में 800 से 1000 रुपये किलो बिकता है. जबकि 200 रुपये प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ लें, तब भी किसान को 600 रुपये का लाभ मिलेगा. जिस किसान को यहां 10 रुपये प्रति किलो का लाभ नहीं मिल पा रहा, उसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू हो जाने के बाद 600 रुपये का लाभ मिलेगा और वह समृद्ध होगा. वहीं फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की भी तैयारी जारी है.
बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट से पहली कार्गो (मालवाहक) फ्लाइट 17 जून को उड़ान भरेगी. पहले चरण में घरेलू कार्गो सेवा शुरू की जाएगी. यहां पहली जुलाई से इसका नियमित संचालन शुरू करने की प्लानिंग है. इसका सबसे अधिक फायदा यूपी के कारोबारियों और किसानों को मिलेगा. नोएडा एयरपोर्ट परिसर में एअर इंडिया सेट्स एयरपोर्ट सर्विसेज प्रालि ने 87 एकड़ में एमएमसीएच को विकसित किया है. पहले चरण में तीस एकड़ में घरेलू, अंतरराष्ट्रीय एवं एक्सप्रेस कोरियर टर्मिनल विकसित किया गया है. यहां से पहले चरण में सालाना 1.2 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभालने की क्षमता तैयार की गई है, जिसे बाद में बढ़ाकर 2.5 मिलियन मैट्रिक टन किया जाएगा.
बीते दिनों जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद में खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. किसान हंसराज ने कहा कि जैसे ही वह सुबह एयरपोर्ट पहुंचे, उनके साथ आए अधिसंख्य किसानों के लिए यह अनुभव विशेष था. उनके साथ आए 99 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिन्होंने आज तक हवाई जहाज को केवल आसमान में उड़ते हुए देखा था, लेकिन मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से उन्हें उसमें बैठकर यात्रा करने का अवसर मिला. हंसराज ने वर्ष 2017 से पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक वृद्ध महिला पेंशन निकाल कर गांव लौट रही थी. मोटरसाइकिल सवार दो बदमाश आए और उसके पैसे छीनकर फरार हो गए.
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 की एक घटना सुनाई. बताया कि भूमि मुआवजे का वितरण हो रहा था. उनके गांव में स्थित बैंक से एक मुस्लिम भाई ने 25 लाख रुपये निकाले और उन्हें तौलिया में बांधकर सिर पर रख लिया. दोपहर करीब 12 बजे वह इसी तरह पैसा लेकर जा रहे थे. हंसराज ने उनसे पूछा कि इतने पैसे इस तरह सिर पर रखकर ले जा रहे हो, कोई छीन लेगा. इस पर उन्होंने जवाब दिया, "कैसे कोई छीन लेगा, यह बाबाजी का राज है." हंसराज ने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 से पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है.
मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान किसान जयवीर सिंह भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि मुझे अपनी जमीन से बहुत प्रेम था. लेकिन, मेरे भैया ने कहा कि जरूरत पड़ने पर योगी जी के सहयोग के लिए जान तक अर्पित कर देंगे. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए बहुत मेहनत की है. उन्होंने कहा था कि मैं उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना दूंगा, जिसे आज हम सच होता देख रहे हैं.
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