खेती के साथ होगी एक्स्ट्रा कमाई, किसानों को कार्बन क्रेडिट दिलाने की तैयारी

खेती के साथ होगी एक्स्ट्रा कमाई, किसानों को कार्बन क्रेडिट दिलाने की तैयारी

केरल के किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए कृषि विभाग में कार्बन सेल बनाने की तैयारी है. जलवायु के अनुकूल खेती करने वाले किसानों को कार्बन क्रेडिट के जरिए अतिरिक्त आय मिल सकती है. विश्व बैंक ने इस योजना का समर्थन किया है. KERA प्रोजेक्ट के तहत खेती, नारियल उत्पादन, बाजार, FPO और डिजिटल कृषि व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा.

अब खेती से सिर्फ फसल नहीं, कार्बन क्रेडिट से भी होगी कमाई!अब खेती से सिर्फ फसल नहीं, कार्बन क्रेडिट से भी होगी कमाई!
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Oct 08, 2026,
  • Updated Oct 08, 2026, 12:20 PM IST

केरल के किसानों के लिए खेती से अधिक कमाई का नया रास्ता खुल सकता है. राज्य सरकार ने कृषि विभाग के तहत एक कार्बन सेल बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसका मकसद किसानों को ऐसी खेती के लिए कार्बन क्रेडिट दिलाना है, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान हो और मिट्टी-पौधों में ज्यादा कार्बन जमा हो. विश्व बैंक ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव का समर्थन किया है.

कृषि विभाग में बनेगा कार्बन सेल

कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने बताया कि केरल दौरे पर आई विश्व बैंक की टीम के साथ हुई बैठक में कार्बन सेल बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. यह बैठक KERA प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा के लिए हुई थी. मंत्री के मुताबिक, आने वाले महीनों में विश्व बैंक और केरल सरकार मिलकर कृषि विभाग में इस कार्बन सेल को स्थापित करने की दिशा में काम करेंगे. इस सेल के जरिए किसानों को जलवायु के अनुकूल खेती अपनाने में मदद मिल सकती है. साथ ही, ऐसी खेती करने वाले किसानों को कार्बन क्रेडिट के जरिए आर्थिक फायदा पहुंचाने की योजना है.

क्या होता है कार्बन क्रेडिट?

कार्बन क्रेडिट को आसान भाषा में समझें तो यह पर्यावरण के लिए अच्छा काम करने पर मिलने वाला एक तरह का आर्थिक लाभ है. जब खेती में ऐसी तकनीक अपनाई जाती है जिससे वातावरण में कार्बन का उत्सर्जन कम हो या मिट्टी और पौधों में ज्यादा कार्बन जमा हो, तो उसके बदले कार्बन क्रेडिट मिल सकते हैं. सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को सिर्फ फसल बेचकर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए बेहतर खेती करने से भी कुछ अतिरिक्त आय मिले. इससे किसान जलवायु के अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं.

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

कृषि मंत्री ने कहा कि कार्बन क्रेडिट की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे पर्यावरण को फायदा होने के साथ किसानों को भी सीधा आर्थिक लाभ मिले. इससे कृषि क्षेत्र में कार्बन को जमा करने की क्षमता बढ़ेगी और किसानों के लिए कमाई का एक नया स्रोत तैयार हो सकता है. जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को ज्यादा मजबूत बनाने पर भी जोर दे रही है. इसके तहत किसानों को बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए बेहतर तैयारी देने की जरूरत पर चर्चा हुई.

KERA प्रोजेक्ट में 2,365 करोड़ रुपये

केरल में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए Kerala Climate Resilient Agri-Value Chain Modernisation यानी KERA प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में विश्व बैंक की आर्थिक और तकनीकी मदद मिल रही है. इसके तहत केरल के कृषि क्षेत्र के लिए 2,365 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. KERA प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से खेती पर पड़ने वाले असर को कम करना, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और कृषि से जुड़ी वैल्यू चेन को मजबूत करना है. इसका खास फायदा छोटे और सीमांत किसानों को पहुंचाने पर जोर है.

नारियल की खेती को मजबूत करने पर जोर

बैठक में केरल में नारियल की खेती और उसकी उत्पादकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. कृषि मंत्री ने कहा कि KERA प्रोजेक्ट के तहत नारियल की पैदावार बढ़ाने के लिए व्यापक योजना बनाई जानी चाहिए. उन्होंने कृषि विभाग और नारियल विकास बोर्ड की ओर से पहले से चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा करने और जरूरत के हिसाब से नई योजनाओं को KERA प्रोजेक्ट में शामिल करने का सुझाव दिया. केरल में बड़ी संख्या में किसान नारियल की खेती से जुड़े हैं, इसलिए इसकी उत्पादकता बढ़ने से किसानों की आय पर भी असर पड़ सकता है.

किसानों को बाजार और FPO से जोड़ने की तैयारी

KERA प्रोजेक्ट के तहत कृषि उत्पादों की मार्केटिंग को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा. किसान उत्पादक संगठन यानी FPO को मजबूत बनाने और उनके कारोबार को बढ़ाने की योजना है. इसके साथ ही ज्यादा कीमत वाली फसलों के लिए बेहतर वैल्यू चेन तैयार करने पर जोर दिया गया है. इसका मतलब है कि फसल के उत्पादन से लेकर उसकी प्रोसेसिंग, पैकिंग, बाजार और बिक्री तक की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा. इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने में मदद मिल सकती है.

स्मार्ट कृषि भवन और डिजिटल व्यवस्था पर जोर

कृषि मंत्री ने राज्य में ज्यादा स्मार्ट Krishi Bhavans बनाने की जरूरत भी बताई. इसके साथ ही कृषि विभाग को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया. उन्होंने Kathir पोर्टल को और बेहतर बनाने की बात कही. इसका उद्देश्य कृषि विभाग की सेवाओं और योजनाओं को किसानों तक आसानी से पहुंचाना है. डिजिटल व्यवस्था मजबूत होने से किसानों को सरकारी सेवाओं और कृषि से जुड़ी जानकारी हासिल करने में आसानी हो सकती है.

मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से खेती को बचाने की कोशिश

बैठक में मानसून और गर्मी के मौसम में कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई. प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम के कारण किसानों को होने वाले नुकसान को कम करने के उपायों पर विचार किया गया. मंत्री ने विश्व बैंक की टीम को बताया कि सरकार जलवायु परिवर्तन और El Nino जैसी मौसमी घटनाओं के असर से निपटने के लिए तैयारी कर रही है. विभाग और स्थानीय निकायों के स्तर पर भी आपदा से निपटने की तैयारी की जा रही है.

आम, सब्जी और एवोकाडो की खेती पर भी चर्चा

बैठक में केरल के अलग-अलग इलाकों में फसलों की संभावनाओं पर भी बात हुई. पलक्कड़ के मुथलमाडा में आम की खेती, एलावंचेरी में हाईटेक सब्जी खेती और वायनाड में एवोकाडो की खेती की संभावनाओं पर चर्चा की गई. सरकार का उद्देश्य अलग-अलग इलाकों की जलवायु और खेती की क्षमता के हिसाब से नई फसलों और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है. इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा ज्यादा कमाई वाली फसलों से जोड़ने में मदद मिल सकती है.

KERA के फंड का तेजी से इस्तेमाल करने पर जोर

बैठक में यह भी तय किया गया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के बचे हुए महीनों में KERA प्रोजेक्ट के लिए तय फंड का ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाए. कृषि मंत्री ने KERA को कृषि विभाग और विश्व बैंक की महत्वपूर्ण संयुक्त पहल बताया. उन्होंने कहा कि केरल के कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए इस प्रोजेक्ट में काफी संभावनाएं हैं. इसके लिए कृषि क्षेत्र की पूरी स्थिति का आकलन कर जरूरी बदलाव और नई योजनाओं को प्रोजेक्ट में शामिल किया जाना चाहिए.

13 अक्टूबर तक केरल में रहेगी विश्व बैंक की टीम

विश्व बैंक की टीम 13 अक्टूबर तक केरल में रहेगी. इस दौरान टीम KERA प्रोजेक्ट के तहत चल रहे अलग-अलग कामों और जगहों का दौरा करेगी. टीम प्रोजेक्ट की प्रगति और उसके असर का जायजा लेगी. अगर कृषि विभाग में प्रस्तावित कार्बन सेल शुरू होता है, तो जलवायु के अनुकूल खेती करने वाले किसानों को कार्बन क्रेडिट के जरिए अतिरिक्त आय का मौका मिल सकता है. साथ ही KERA प्रोजेक्ट के जरिए खेती, बाजार, डिजिटल सेवाओं और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. (PTI)

ये भी पढ़ें: 

दिग्‍गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 की उम्र में निधन, गोवा के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस
'एक युग का अंत...', नाना पाटेकर के निधन पर PM मोदी समेत कई नेताओं-अभिनेताओं ने दी श्रद्धांजलि

MORE NEWS

Read more!