
हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से खरीफ सीजन की मक्का और धान की फसलों का बीमा 31 जुलाई तक कराने की अपील की है. सरकार ने कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का लाभ जरूर उठाएं. इस योजना के तहत सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है.
कृषि विभाग के उपनिदेशक डी.डी. शर्मा ने बताया कि खरीफ 2026 सीजन के लिए मक्का और धान की फसलों का बीमा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है. ऐसे में किसान समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन कराकर योजना का लाभ लें. उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले की सभी तहसीलों और उप-तहसीलों को मक्का फसल बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है. वहीं, धान फसल बीमा के लिए हमीरपुर, नादौन और भोरंज तहसीलों को शामिल किया गया है. इन क्षेत्रों के किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं.
योजना के तहत किसानों को 48 रुपये प्रति कनाल या 1,200 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा. इसके बदले बीमित फसल के लिए 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की बीमा राशि का लाभ मिलेगा. इसके लिए किसान अपनी फोटो, पहचान पत्र, आधार कार्ड और भूमि संबंधी दस्तावेज जमा कर नजदीकी लोक मित्र केंद्र, बैंक या ऑनलाइन माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं.
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने बैंक या किसी अन्य वित्तीय संस्थान से कृषि लोन लिया है, उनका फसल बीमा संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा स्वतः कर दिया जाएगा. हालांकि, यदि कोई किसान इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहता है, तो उसे निर्धारित समय के भीतर अपनी संबंधित बैंक शाखा में घोषणा-पत्र जमा करना होगा. कृषि विभाग का कहना है कि बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है. सरकार ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी मक्का और धान की फसलों का बीमा कराकर किसी भी संभावित नुकसान से खुद को सुरक्षित करें.