पंजाब में किसानों के लिए डबल राहत, लैंड पॉलिसी में सुधार और बिजली आपूर्ति सामान्य

पंजाब में किसानों के लिए डबल राहत, लैंड पॉलिसी में सुधार और बिजली आपूर्ति सामान्य

पंजाब सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में बड़े बदलावों को मंजूरी देते हुए जमीन मालिकों और किसानों के लिए प्लॉट आवंटन बढ़ा दिया है. नई नीति में मुआवजा, पुनर्वास, स्टांप ड्यूटी छूट और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. वहीं, PSPCL ने किसानों को बिजली आपूर्ति सामान्य होने और 20 घंटे तक सप्लाई मिलने का दावा किया है.

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पंजाब में किसानों के लिए डबल राहत, लैंड पॉलिसी में सुधार और बिजली आपूर्ति सामान्यकिसानों को मिली बड़ी राहत, पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

पंजाब सरकार ने अपनी 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है. इसका मकसद जमीन मालिकों की चिंताओं को दूर करना और जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों को बेहतर मुआवजा दिलाना है. यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में लिया गया. नई पॉलिसी में रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट के आवंटन को बढ़ाया गया है और प्रभावित जमीन मालिकों के लिए कई अतिरिक्त राहत उपाय भी शामिल किए गए हैं.

संशोधित लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत, जो जमीन मालिक रिहायशी और कमर्शियल दोनों कैटेगरी चुनते हैं, उन्हें प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट मिलते रहेंगे. हालांकि, कमर्शियल प्लॉट का आवंटन प्रति एकड़ 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज कर दिया गया है.

जो लोग सिर्फ रिहायशी कैटेगरी चुनते हैं, उनके लिए रिहायशी प्लॉट का हक प्रति एकड़ 1,600 वर्ग गज से बढ़ाकर 1,630 वर्ग गज कर दिया गया है, जबकि कमर्शियल हिस्सा प्रति एकड़ 800 वर्ग गज से बढ़ाकर 840 वर्ग गज कर दिया गया है.

छोटे किसानों को ज्यादा फायदा

कैबिनेट ने 'ऑस्टी पॉलिसी' (विस्थापितों के लिए पॉलिसी) में भी बदलावों को मंजूरी दी. जिन जमीन मालिकों की एक एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, वे अब 200 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट के हकदार होंगे. जिनकी जमीन एक से 2.5 एकड़ के बीच जाएगी, उन्हें 300 वर्ग गज का प्लॉट मिलेगा, जबकि जिन जमीन मालिकों की 12.5 एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण होगा, वे 500 वर्ग गज के प्लॉट के लिए पात्र होंगे.

किसानों की और मदद करने के लिए, सरकार ने छोटे किसानों के लिए एक खास 'लेटर ऑफ़ इंटेंट' (LOI) सिस्टम शुरू किया है. 'सुविधा सर्टिफिकेट' की वैधता दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी गई है.

इसके अलावा, जो मूल जमीन मालिक डेवलप्ड प्लॉट चुनेंगे, उन्हें स्टांप ड्यूटी और उससे जुड़े दूसरे चार्ज नहीं देने होंगे. उन्हें किसी भी पात्र जगह पर स्टांप ड्यूटी में छूट का फायदा उठाने की भी इजाजत होगी. संशोधित पॉलिसी में ट्यूबवेल कनेक्शन की सुविधा भी दी गई है और यह पक्का किया गया है कि पसंदीदा जगहों पर प्लॉट के आवंटन में किसानों को प्राथमिकता मिलेगी.

पंजाब सरकार ने कहा कि इन बदलावों का मकसद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, किसान-अनुकूल और जमीन मालिकों के लिए फायदेमंद बनाना है, साथ ही पूरे राज्य में पूरे प्लान के साथ शहरी विकास को बढ़ावा देना है.

बिजली कटौती में बड़ी राहत

पंजाब में बिजली कटौती और किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बीच राहत की खबर है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड के निर्देशों पर अमल करते हुए, पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने किसानों को बिजली की सप्लाई काफी बढ़ा दी है, जो रोज़ाना 8 घंटे के वादे से भी अधिक है. PSPCL के CMD डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि राज्य में बिजली की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे पंजाब में एग्रीकल्चर फीडर को 20 घंटे तक बिजली सप्लाई की गई है.

उन्होंने साफ किया कि राज्य में 27 से 30 जून के बीच कुछ दिनों के लिए बिजली की अस्थायी कमी हुई थी, जिस दौरान कुछ एग्रीकल्चर फीडर को तय 8 घंटे के बजाय सिर्फ 6-7 घंटे ही बिजली मिल पाई थी. 1-2 घंटे की यह रुकावट भीषण गर्मी के कारण बिजली की रिकॉर्ड मांग (जिससे एक्सचेंज पर बिजली उपलब्ध नहीं थी) और थर्मल पावर प्लांट में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की हड़ताल (जिससे बिजली उत्पादन पर असर पड़ा) के एक साथ होने की वजह से आई थी.

डॉ. बसंत गर्ग ने कहा, इन मुश्किल हालात के बावजूद, PSPCL ने 6-7 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम किया. अब हड़ताल खत्म होने और थर्मल पावर प्लांट की यूनिट्स के फिर से चालू होने के साथ, पूरे राज्य में बिजली की सामान्य सप्लाई पूरी तरह बहाल हो गई है.

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