
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ‘रायतू भरोसा’ योजना के तहत नौ दिनों के भीतर 9,000 करोड़ रुपये उनके खातों में जमा कराने की घोषणा की है. कम बारिश और सूखे जैसे हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों से बेहतर उत्पादन के लिए सरकार द्वारा सुझाई गई सात अधिक उपज देने वाली धान किस्मों की खेती करने का आग्रह किया.
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘रायतू भरोसा’ योजना के लिए पर्याप्त फंड की व्यवस्था की गई है. साथ ही ‘रायतू वेदिकाओं’ (किसान मंचों) पर अच्छी क्वालिटी वाले धान के बीज उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे किसानों को मौजूदा परिस्थितियों में बेहतर उत्पादन करने में सहायता मिलेगी.
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार के कामकाज का विवरण देते हुए कहा कि पिछले ढाई वर्षों में किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने 25.35 लाख किसानों का 20,000 करोड़ रुपये का कृषि लोन माफ किया. सरकार बनने के तुरंत बाद ‘रायतू भरोसा’ के तहत 7,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और पिछली सरकार द्वारा सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन में छोड़े गए बकाया को भी चुकाया गया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘रायतू भरोसा’ के तहत सहायता राशि बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी गई है. अब तक किसानों के खातों में 27,000 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं और कुल मिलाकर इस योजना के तहत 36,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार अब तक किसानों के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है और हर महीने लगभग 6,000 करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र पर खर्च हो रहे हैं, जबकि पिछली बीआरएस सरकार यह खर्च मात्र 2,000 करोड़ रुपये प्रति माह करती थी.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसानों को मुफ्त बिजली देने की शुरुआत कांग्रेस सरकार ने की थी. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी ने सत्ता संभालते ही मुफ्त बिजली लागू की थी. वर्तमान सरकार इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है और अब तक मुफ्त बिजली पर 30,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
इसके अलावा, धान पर बोनस के रूप में 4,000 करोड़ रुपये और किसानों के बीमा पर 3,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
रेवंत रेड्डी ने पूर्ववर्ती केसीआर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना को कर्ज के जाल में फंसा दिया. उन्होंने कहा कि राज्य गठन (2 जून 2014) के समय कर्ज 69,000 करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2023 तक बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये हो गया.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि “केसीआर परिवार ने 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया और राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर बना दिया.” उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार में कर्मचारियों को वेतन किस्तों में दिया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार समय पर भुगतान सुनिश्चित कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार 1 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ करने, दलितों को जमीन देने और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने में विफल रही. कालेश्वरम परियोजना पर 1.02 लाख करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद उसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और यह परियोजना कुछ ही वर्षों में विफल हो गई.
उन्होंने यह भी दावा किया कि कालेश्वरम से पानी न मिलने के बावजूद तेलंगाना के किसानों ने 2.8 करोड़ मीट्रिक टन धान का उत्पादन किया, जो उनकी मेहनत का प्रमाण है.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार खेती को ‘उत्सव’ में बदलने और किसानों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए किसानों के मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और दोनों सरकारों की उपलब्धियों पर बहस करने की बात कही.
सरकार के इस नए राहत पैकेज और योजनाओं से सूखे जैसे हालात झेल रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.(अब्दुल बशीर का इनपुट)