
किसानों को नकली और घटिया कृषि इनपुट से राहत देने और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी की मौजूदगी में कृषि भवन, नई दिल्ली में दो अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.
पहला MoU कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और डाक विभाग के बीच हुआ है. इसका उद्देश्य बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसे कृषि इनपुट के सैंपलों की सुरक्षित, टैंपर-प्रूफ और डिजिटल ट्रैकिंग आधारित ढुलाई सुनिश्चित करना है. अब सैंपल बारकोड और क्यूआर कोड से लैस टैंपर-प्रूफ पैकिंग में सीधे प्रयोगशालाओं तक पहुंचेंगे.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा घटिया बीज, खाद और कीटनाशक हैं. नए सिस्टम से सैंपलों की फेसलेस और ट्रेसलेस ढुलाई होगी, जिससे छेड़छाड़, देरी और मैनेजमेंट की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी. इससे लैब रिपोर्ट समय पर और भरोसेमंद मिलेगी और मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई आसान होगी.
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार Pesticide Act और Seed Act के तहत घटिया इनपुट बेचने वालों पर कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. डाक विभाग के मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क से देशभर की निर्माण इकाइयों, डीलरों और बाजारों से लिए गए सैंपल सुरक्षित रूप से तय लैब तक पहुंचाए जाएंगे.
दूसरा MoU ग्रामीण विकास मंत्रालय, डाक विभाग और DAY-NRLM के बीच हुआ है. इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का विस्तार किया जाएगा. इसका सीधा लाभ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण बहनों-दीदियों को मिलेगा.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 2 करोड़ से ज्यादा लखपति दीदियां गरीबी उन्मूलन का मजबूत आधार हैं. नए समझौते से बीसी सखी मॉडल को डाक विभाग के विशाल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे गांव-गांव और घर-घर तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचेंगी. इससे बीसी सखियों की आय में 15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक बढ़ोतरी की संभावना है.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है. इस पहल के तहत संबंधित कर्मियों को ट्रेनिंग, टैबलेट, पीओएस मशीन और सर्टिफिकेशन दिया जाएगा. पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, कैश ट्रांसफर और अन्य वित्तीय सेवाएं अब गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचेंगी.
दोनों मंत्रियों ने इसे Whole of Government दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास मिलकर देश की करीब 70 प्रतिशत आबादी को नई मजबूती देंगे. यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित, आत्मनिर्भर और गरीबी मुक्त भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है.
लखपति दीदियों और बीसी सखियों को क्या लाभ मिलेगा?
डाक विभाग के जरिए बैंकिंग सेवाएं देकर उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे.
लखपति दीदी योजना क्या है?
यह सरकार की योजना है, जिसमें गांव की महिलाओं की कमाई 1 लाख रुपये साल से ज्यादा करने में मदद की जाती है.
बीसी सखियों की आमदनी कितनी बढ़ने की उम्मीद है?
15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक अतिरिक्त आय की संभावना जताई गई है.
बीसी सखी क्या होती है?
बीसी सखी गांव की महिला होती है, जो गांव में ही बैंक से जुड़े काम करती है.
बीसी सखी कौन बन सकती है?
गांव की वह महिला जो स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हो और काम करने की इच्छा रखती हो.