राजस्थान में तारबंदी पर किसानों का कम होगा खर्च, सरकार ने जारी किए ये नए नियम

राजस्थान में तारबंदी पर किसानों का कम होगा खर्च, सरकार ने जारी किए ये नए नियम

राजस्थान सरकार ने तारबंदी के नियमों में ढील देकर किसानों का खर्च कम करने का बड़ा फैसला लिया है. अब 10 फीट की जगह 15 फीट पर पोल लगाने, 6 की जगह 5 तार मान्य करने, सपोर्ट पोल और फाउंडेशन की अनिवार्यता में छूट जैसी बदलाव किए गए हैं. इन संशोधनों से किसानों की तारबंदी लागत में कमी आएगी और राज्य की फसल सुरक्षा योजना अधिक प्रभावी होगी.

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क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Feb 25, 2026,
  • Updated Feb 25, 2026, 12:55 PM IST

राजस्थान में तारबंदी पर होने वाला खर्च अब कम होगा. इसे लेकर राजस्थान सरकार ने नियमों में कई ढील दी है. नियमों में ढील मिलने से तारबंदी पर किसानों का होने वाला खर्च पहले से कम हो जाएगा. इस बारे में  कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में कहा कि तारबंदी योजना के तहत किसानों की लागत कम करने के लिए राज्य सरकार की ओर से नियमों में कुच ढील दी गई है. पहले हर 10 फीट पर पोल गाड़ने का नियम था, जिसे बढ़ाकर 15 फीट किया गया है. 

कृषि मंत्री ने कहा, इसी प्रकार 6 तारों और 2 क्रॉस वायरों के स्थान पर 5 वायर मान्य किए गए हैं. पहले हर दसवें पोल पर सपोर्ट पोल लगाने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर पंद्रह कर दिया गया है. इसके अलावा पोल पर फाउंडेशन की अनिवार्यता पर छूट दी गई है और चेन लिंक जाली के स्थान पर नोटेड जाली लगवाने पर भी सब्सिडी दी जा रही है. 

540 किसानों को 150 लाख रुपये का अनुदान

कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुभाष मील द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि खंडेला विधानसभा क्षेत्र में साल 2017-18 से 2025-26 तक 4482 किसानों ने आवेदन दिए. इनमें से नियमानुसार काम पूरा करने वाले 540 किसानों को 150.18 लाख रुपये का अनुदान उपलब्‍ध करवाया गया है. 1190 किसानों के आवेदन की जांच जारी है. उन्होंने कहा कि निर्धारित मापदंड पूरे नहीं करने के कारण बाकी किसानों को पात्र नहीं माना गया है. 

कृषि मंत्री ने बताया कि आवेदक किसानों के मौके पर बताए गए खसरा क्षेत्रफल के कम होने, खसरा नंबरों के एक परिधि में नहीं होने, प्री-वेरिफिकेशन से पहले ही तारबंदी पाए जाने, समूह में आवंटन पर किसी किसान का सहमत नहीं होने, आवेदक किसान की मृत्यु होने, किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और खेत में फसल होने के कारण इस वित्तीय वर्ष में तारबंदी संभव नहीं हो पाने जैसे कारणों की वजह से उन्हें सब्सिडी के लिए अपात्र माना गया है. 

तारबंदी योजना की राशि बढ़ाने पर विचार

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से वित्तीय अनुकूलता (खर्च का हिसाब-किताब जानना) के आधार पर तारबंदी की अनुदान राशि को बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा. 

इससे पहले सदस्य मील द्वारा पूछे गए मूल सवाल के लिखित जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों की फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों और निराश्रित पशुओं से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तारबंदी कार्यक्रम चलाया जा रहा है. 

तारबंदी कार्यक्रम के तहत किसानों को खेतों में तारबंदी करने पर 400 रनिंग मीटर तक छोटे और सीमांत किसानों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 48 हजार रुपये की राशि,सामान्‍य किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम राशि 40 हजार रुपये और सामुदायिक स्‍तर पर तारबंदी करने पर 70 प्रतिशत या अधिकतम राशि 56 हजार रुपये और वनाधिकार पट्टा धारक किसानों को 90 प्रतिशत या अधिकतम राशि 72 हजार रुपये जो भी कम हो, अनुदान दिए जाने का प्रावधान है. किसान की ओर से 400 रनिंग मीटर से कम परिधि में तारबंदी लगाने पर प्रोरेटा बेसिस पर अनुदान दिए जाने का प्रावधान है. कृषि मंत्री ने कहा कि तारबंदी योजना में आवेदनों का निपटारा ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किया जाता है.

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