अचानक निरीक्षण, तुरंत फैसला: उज्जैन में गेहूं खरीदी व्यवस्था पर सीएम का सख्त रुख

अचानक निरीक्षण, तुरंत फैसला: उज्जैन में गेहूं खरीदी व्यवस्था पर सीएम का सख्त रुख

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर वेयरहाउस क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए और किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं व समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • May 05, 2026,
  • Updated May 05, 2026, 5:45 PM IST

भोपाल/उज्जैन। प्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर अचानक निरीक्षण का तरीका अपनाया। 5 मई को वे उज्जैन के नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंच गए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस दौरे ने न सिर्फ अधिकारियों को चौकन्ना किया, बल्कि मौके पर ही कई अहम फैसले भी लिए गए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा और साफ निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने के आदेश मौके पर ही जारी किए, ताकि बेमौसम बारिश के दौरान गेहूं सुरक्षित रखा जा सके।

भुगतान और तौल व्यवस्था पर फोकस

सीएम ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने के फैसले से किसानों को राहत मिली है। साथ ही, अब सात दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। बढ़ती आवक को देखते हुए तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाई गई है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।

“किसानों को हर सुविधा देना प्राथमिकता”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को पूरी सुविधा मिले और उनकी उपज सुरक्षित रहे। इसी दिशा में वेयरहाउस क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित तौल केंद्रों पर पहुंचकर प्रक्रिया में भाग लें और किसी भी समस्या की स्थिति में जिला प्रशासन से संपर्क करें।

लगातार मॉनिटरिंग, कई जिलों का दौरा

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुख्यमंत्री शाजापुर और खरगोन में भी उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर चुके हैं। सरकार रोजाना खरीदी की मॉनिटरिंग कर रही है और अब तक करीब 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। गेहूं के साथ-साथ चना और मसूर की खरीदी भी जारी है।

किसान कल्याण वर्ष का संदेश

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस साल को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। ऐसे में हर स्तर पर किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

संदेश साफ: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सीएम का यह आकस्मिक निरीक्षण प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि उपार्जन व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, सरकार का फोकस किसानों को सुरक्षित भंडारण, समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं देने पर बना हुआ है।

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