Govt Scheme: फार्मर ID के काम में बिहार की बड़ी छलांग, इतने प्रतिशत टारगेट पूरा, कृषि मंत्री ने कही ये बात

Govt Scheme: फार्मर ID के काम में बिहार की बड़ी छलांग, इतने प्रतिशत टारगेट पूरा, कृषि मंत्री ने कही ये बात

बिहार ने फार्मर आईडी निर्माण में 50 प्रतिशत का लक्ष्य पार कर लिया है. 51 प्रतिशत किसानों की डिजिटल पहचान तैयार होने से राज्य को केंद्र से 269.89 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिलेगी. यह उपलब्धि किसानों को योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

Farmer ID BiharFarmer ID Bihar
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Feb 14, 2026,
  • Updated Feb 14, 2026, 7:05 PM IST

बिहार ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए फार्मर आईडी निर्माण के लक्ष्य में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. राज्य में अब तक 51 प्रतिशत से अधिक किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है, जिससे 50 प्रतिशत का तय लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. इसे बिहार की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है. कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि फार्मर आईडी का 50 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होना राज्य के कृषि इतिहास में एक मील का पत्थर है.

उन्होंने इसे सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम बताया. राज्य सरकार ने फार्मर आईडी के लिए लक्ष्य निर्धारण पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के आधार पर किया है. वे किसान जिन्होंने इस योजना के तहत कम से कम एक किस्त प्राप्त की है, उन्हें फार्मर आईडी निर्माण के दायरे में रखा गया.

चरणबद्ध तरीके से चलाए गए विशेष अभियान

बिहार में ऐसे किसानों की संख्या 86 लाख 36 हजार 562 है. इसी संख्या को आधार बनाकर चरणबद्ध तरीके से लक्ष्य तय किए गए और विशेष अभियान चलाए गए. इस उपलब्धि के साथ ही बिहार के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की राह भी पूरी तरह साफ हो गई है. निर्धारित लक्ष्य के 25 प्रतिशत पूरे होने पर पहले माइलस्टोन के तहत राज्य को 107.96 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई थी.

50 फीसदी काम क्रॉस करने 162 करोड़ मिलेंगे 

अब 50 प्रतिशत उपलब्धि हासिल होने पर दूसरे माइलस्टोन के अंतर्गत 161.93 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी. इस प्रकार कुल 269.89 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता बिहार को मिलेगी. इस राशि का उपयोग कृषि अवसंरचना को मजबूत करने और डिजिटल कृषि प्रणाली को सशक्त बनाने में किया जाएगा.

फार्मर आईडी से बढ़ेगी पारदर्शिता

कृषि मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री और फार्मर आईडी की पहल से किसानों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है. इससे सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि फार्मर आईडी के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि के साथ-साथ फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, विभिन्न अनुदान योजनाओं और फसल क्षति के वास्तविक आकलन पर आधारित मुआवजे का लाभ भी आसानी से सुनिश्चित किया जा सकेगा.

उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विभाग, बिहार और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के संयुक्त प्रयासों से विशेष अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं. डिजिटल पहचान से न केवल किसानों का डाटा सुरक्षित और सटीक होगा, बल्कि नीति निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता बढ़ेगी.

बचे हुए किसानों से कृषि मंत्री ने की अपील

कृषि मंत्री ने शेष किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द फार्मर आईडी पंजीकरण कराएं और डिजिटल कृषि प्रणाली से जुड़ें. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कृषि से जुड़ी अधिकांश सेवाएं और योजनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होंगी, ऐसे में फार्मर आईडी किसानों के लिए एक अहम पहचान और सुविधा का साधन बनेगी.

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