Bihar: सहयोग शिविर में अब क्लर्क लिखेंगे आवेदन, पंचायत स्तर पर शिकायत निपटारा तेज

Bihar: सहयोग शिविर में अब क्लर्क लिखेंगे आवेदन, पंचायत स्तर पर शिकायत निपटारा तेज

बिहार में पंचायत स्तर पर लगने वाले सहयोग शिविर को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने नए निर्देश जारी किए हैं. अब शिविरों में आवेदन लिखने के लिए लिपिक (क्लर्क) तैनात होंगे और लंबित मामलों की पहले ही समीक्षा कर उनका निपटारा किया जाएगा.

Bihar Sahyog ShivirBihar Sahyog Shivir
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • May 25, 2026,
  • Updated May 25, 2026, 6:55 PM IST

बिहार सरकार ने पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर’ को आम जनता के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई अहम निर्देश जारी किए हैं. सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर शिविर व्यवस्था में सुधार और शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया है.

सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, अब सहयोग शिविर में आने वाले लोगों के आवेदन लिखने के लिए क्लर्कों की नियुक्ति की जाएगी. इससे वे लोग भी आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिन्हें आवेदन लिखने में दिक्कत होती है. शिविर स्थल पर प्री-प्रिंटेड फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें केवल जरूरी जानकारी ली जाएगी और उसी समय आवेदन को पोर्टल पर अपलोड कर पावती दी जाएगी.

लंबित मामलों की पहले होगी समीक्षा

सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि आगामी सहयोग शिविर से पहले संबंधित पंचायतों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की जाए. जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, डीसीएलआर और अंचल अधिकारी अपने-अपने कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई तेज करेंगे, ताकि शिविर से पहले अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके.

राजस्व कोर्ट में लंबित मामलों के धीमे निपटारे पर चिंता जताते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों को निपटाया जाए और शिविर के दिन संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी दी जाए.

सरकारी योजनाओं का भी होगा प्रचार

अब सहयोग शिविर केवल शिकायत निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे सरकारी योजनाओं के प्रचार का माध्यम भी बनाया जाएगा. शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित फ्लेक्स और स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को अलग-अलग योजनाओं की जानकारी मिल सके. इन शिविरों में कृषि, पशुपालन, राजस्व, भूमि सुधार जैसे विभागों के साथ-साथ अन्य विभाग भी शामिल होंगे.

30 दिनों में निपटारा अनिवार्य

सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी आवेदन का निपटान 30 दिनों के भीतर किया जाए. तय समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उनके सहयोगी कर्मियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था

गर्मी को देखते हुए शिविर स्थलों पर पर्याप्त पेयजल और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. जहां स्थायी भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां अस्थायी मजबूत शिविर तैयार करने को कहा गया है. इसके अलावा, शिविर में इंटरनेट, लैपटॉप और प्रिंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बन सके.

इन समस्याओं पर होगी सुनवाई

हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों में 19 विभागों के काउंटर लगाए जाएंगे. राशन, पेंशन, आवास, मनरेगा, भूमि विवाद, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का मौके पर निपटारा किया जाएगा. साथ ही, लंबित और निपटाए गए मामलों की सूची भी दिखाई जाएगी, जिससे लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सके.

जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी जरूरी

सरकार ने शिविरों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करने पर जोर दिया है, ताकि आम लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा और सुलझाया जा सके. कुल मिलाकर, सरकार की कोशिश है कि पंचायत स्तर पर ही लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान मिल सके और प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी बनें.

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