
करीब 2 महीने के बाद यानी रबी सीजन से एक बार फिर बिहार में लंबे समय के बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत होने जा रही है और इसको धरातल पर उतारने के लिए सरकार की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है. वहीं, सहकारिता विभाग की ओर से इस योजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं. जिसको लेकर बैठकों के साथ प्रशिक्षण का दौर शुरू हो गया है. योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए मंगलवार को शास्त्री नगर स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (डीएनएस) में प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया. जहां, योजना के जरिए किसानों को किस तरह से लाभ मिल सके, इसको लेकर जानकारी दी गई. बिहार में बीते करीब 7 सालों से अधिक समय पहले ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बंद कर दिया गया था.
सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रबी 2026-27 के लिए निर्धारित एसओपी के प्रावधानों को समयबद्ध रूप से लागू करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई. इस दौरान विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल बनाते हुए निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया. सहकारिता विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से अनुरोध किया था.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देश के कई राज्यों के किसान ले रहे हैं. वहीं, इस योजना के तहत किसानों को लाभ लेने के लिए रबी और खरीफ सीजन के लिए अलग-अलग बीमा तय की गई है. जिसमें इस योजना के जरिए खरीफ फसल के लिए बीमित (बीमा कराने वाले किसान) राशि का 2 प्रतिशत, रबी फसल के लिए बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक/बागवानी फसल के लिए बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम तय किया गया है. बाकी प्रीमियम की राशि आधी-आधी केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी. वहीं, आधुनिक तकनीक, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट तस्वीरों से फसल क्षति का सटीक आकलन और तेज, पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित होगा.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत केवल सहकारिता विभाग का ही योगदान नहीं है, बल्कि इस योजना के अंतर्गत कृषि, आपदा प्रबंधन, वित्त, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, नाबार्ड, बिरसैक (बीआईआरएसएसी), एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और एनआईसी की भूमिका रहने वाली है. वहीं, प्रशिक्षण के दौरान इन सभी विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
बिहार सरकार की ओर से जहां एक बार फिर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी गई है. किसान सुदीप्त प्रताप सिंह कहते हैं कि रबी सीजन से किसान इस योजना का लाभ ले सकें. इसको लेकर जागरुकता लाने की जरूरत है. राज्य के अंदर किसानों की एक ऐसी बड़ी संख्या है जो इसके नाम से परिचित है लेकिन इस योजना का लाभ उन्हें कैसे मिलेगा इसकी जानकारी नहीं के बराबर है. ऐसी स्थिति में सरकार को इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए ग्राउंड लेवल पर काम करना होगा. वरना जिस तरह से राज्य स्तर पर जो फसल क्षति को लेकर योजना चलाई जा रही थी, वैसे ही स्थिति इसकी भी हो जाएगी और यह बस केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा.