खेती के साथ सौर ऊर्जा: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा बोले- किसानों को मिलेगी अतिरिक्त आय

खेती के साथ सौर ऊर्जा: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा बोले- किसानों को मिलेगी अतिरिक्त आय

बिहार सरकार जल्द ही कृषि भूमि पर फसल उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा (एग्रीवोल्टाइक्स) के उत्पादन को लेकर अहम फैसला ले सकती है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस-2026' में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस तकनीक से किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.

Vijay Kumar Sinha AgriVoltaics World Conference 2026Vijay Kumar Sinha AgriVoltaics World Conference 2026
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • पटना,
  • Oct 22, 2026,
  • Updated Oct 22, 2026, 6:59 PM IST

बिहार में खेती की जमीन पर अब फसल उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा का उत्पादन करने को लेकर बिहार सरकार आने वाले दिनों में अहम फैसला ले सकती है. प्रदेश के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस-2026 के दौरान कहा कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए एग्रीवोल्टाइक्स यानी कृषि भूमि पर खेती के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन की तकनीक अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है. इससे कृषि भूमि का बेहतर उपयोग करने के साथ किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा.

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘पावरिंग द ग्लोबल साउथ’ विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं, कृषि वैज्ञानिकों और ऊर्जा विशेषज्ञों ने भाग लिया. वहीं, सम्मेलन में कृषि के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों और किसानों की आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया.

किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बनेगा बड़ा माध्यम

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भारत पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़कर अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. एक ही भूमि पर खाद्यान्न उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा का उत्पादन न केवल कार्बन उत्सर्जन कम करने में सहायक है, बल्कि किसानों के लिए अतिरिक्त आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी बन सकता है.

समय के साथ खेती में नया बदलाव जरूरी

खेती के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन को लेकर जब किसान तक ने किसानों से इस नए तकनीक को लागू करने के बारे में उनकी राय जानी, तो उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की तकनीक को लेकर सरकार पहल करती है, तो यह एक सकारात्मक निर्णय होगा. वहीं, किसान धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इससे फसल उत्पादन के साथ किसान सौर ऊर्जा का उत्पादन करके अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकेंगे.

वहीं, पटना जिले के किसान अभिजीत सिंह कहते हैं कि भारत सरकार द्वारा भारत मंडपम में आयोजित एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस के दौरान कृषि भूमि पर खेती के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन की तकनीक फायदेमंद है, लेकिन सवाल यह है कि क्या बिहार सरकार इस मॉडल को सुचारू ढंग से चला पाएगी? यह मॉडल जितना सुनने में अच्छा लग रहा है, अगर उसी तरह से जमीन पर भी उतर जाए, तब यह सार्थक साबित होगा, नहीं तो अन्य योजनाओं की तरह यह भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा. इसलिए, अगर आने वाले दिनों में सरकार इसे राज्य स्तर पर लागू करती है, तो जमीनी स्तर पर काम करने के लिए पूरी पारदर्शिता की जरूरत है.

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