पटना में 12 दिसंबर से लगेगा बिहार सरस मेला 2026, महिला उद्यमियों के 800 से अधिक स्टॉल होंगे शामिल

पटना में 12 दिसंबर से लगेगा बिहार सरस मेला 2026, महिला उद्यमियों के 800 से अधिक स्टॉल होंगे शामिल

बिहार में ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरस मेला-2026 का आयोजन 12 से 28 दिसंबर तक पटना के गांधी मैदान में किया जाएगा. मेले में देशभर के स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों, ग्रामीण कारीगरों और उत्पादक समूहों के 800 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे. जीविका का फ्लैगशिप ब्रांड ‘बिहारिका’ इस बार मुख्य आकर्षण होगा. यह मेला महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, ग्रामीण उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा.

Bihar Jeevika DidiBihar Jeevika Didi
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • पटना,
  • Oct 16, 2026,
  • Updated Oct 16, 2026, 5:19 PM IST

जीविका समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरस मेले का आयोजन किया जाएगा. बिहार में ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला बिहार सरस मेला-2026 आगामी 12 दिसंबर से 28 दिसंबर तक पटना के गांधी मैदान में लगेगा. इस मेले में देशभर के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला उद्यमियों, ग्रामीण कारीगरों और उत्पादक समूहों के 800 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे. इस बार मेले का प्रमुख आकर्षण जीविका का फ्लैगशिप ब्रांड ‘बिहारिका’ होगा.

बता दें कि पिछले वर्ष गांधी मैदान में ही आयोजित इस मेले में 500 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, जिनके माध्यम से 28 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. वहीं, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जीविका (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) की ओर से आयोजित यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा. इस मेले में थोक खरीदार, खुदरा व्यापार श्रृंखलाओं, संस्थागत खरीदारों और प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे.

प्लास्टिक मुक्त रहेगा सरस मेला

जीविका के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर में आयोजित होने वाले 17 दिवसीय सरस मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाया जाएगा. परिसर में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और ब्रांडेड नॉन-वोवन कैरी बैग के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार की लोकसंस्कृति, पारंपरिक संगीत और देश की सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा.

800 से अधिक स्टॉल पर दिखेगा ग्रामीण हुनर

ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के हुनर, परिश्रम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जीविका के रूप में रखी गई आधारशिला आज गौरवमयी परिणाम बनकर सामने आई है. यह मेला जीविका दीदियों के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और उन्हें सफल उद्यमी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा. वहीं, जीविका और ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित इस मेले में 800 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जो पिछले साल की तुलना में 300 अधिक हैं.

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