चीनी की बढ़ती कीमत पर सुभासपा सख्त, बोली- जनता का नुकसान हुआ तो सबसे पहले उठाएंगे आवाज

चीनी की बढ़ती कीमत पर सुभासपा सख्त, बोली- जनता का नुकसान हुआ तो सबसे पहले उठाएंगे आवाज

चीनी के बढ़ते दाम को लेकर सुभासपा ने विपक्ष को आंदोलन का न्योता दिया है. हरदोई में अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव से चीनी की महंगाई के खिलाफ आंदोलन करने की अपील की और समर्थन का भरोसा दिया. उन्होंने गन्ना किसानों के लिए मूल्य में और बढ़ोतरी की जरूरत बताई. वहीं, एनडीए के साथ गठबंधन को लेकर भी पार्टी का रुख साफ किया.

हरदोई से अरविंद राजभर का बड़ा ऐलानहरदोई से अरविंद राजभर का बड़ा ऐलान
क‍िसान तक
  • Hardoi,
  • Aug 24, 2026,
  • Updated Aug 24, 2026, 12:09 PM IST

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने उत्तर प्रदेश के हरदोई में विपक्ष को इस मुद्दे पर आंदोलन करने का न्योता दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि चीनी के बढ़े हुए दाम का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है. उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर आंदोलन करने की अपील करते हुए कहा कि अगर विपक्ष आंदोलन करता है तो सुभासपा उसका साथ देने के लिए तैयार है.

हरदोई में लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरविंद राजभर ने कहा कि लोकतंत्र में जनता से बड़ी कोई आवाज नहीं होती. सरकार में रहते हुए पार्टी अपनी बात सरकार के सामने रख सकती है, लेकिन आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना विपक्ष की भी जिम्मेदारी है.

अखिलेश यादव से बोले- चीनी के दाम के खिलाफ आंदोलन करिए

अरविंद राजभर ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सीधे विपक्ष को चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर चीनी के बढ़े दाम से आम लोग परेशान हैं तो विपक्ष को इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरना चाहिए. उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से कहा कि वह चीनी की कीमतों के खिलाफ आंदोलन करें, सुभासपा उनके साथ खड़ी होगी. उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठाई जानी चाहिए. चीनी रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीज है और इसकी कीमत बढ़ने से आम परिवारों का बजट प्रभावित होता है. ऐसे में बढ़ती कीमतों का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आम उपभोक्ताओं से भी जुड़ा हुआ है.

अरविंद राजभर ने यह भी बताया कि पार्टी एक सितंबर को प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाएगी. इस बैठक में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन को लेकर फैसला कर सकती है.

गन्ने के मूल्य में 30 रुपये की बढ़ोतरी को बताया कम

गन्ना किसानों के मुद्दे पर भी अरविंद राजभर ने अपनी बात रखी. सरकार की ओर से गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किए जाने पर उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए इसमें और बढ़ोतरी की जरूरत है. उनका कहना है कि गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित और बेहतर मूल्य मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि गन्ना केवल चीनी बनाने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि एथेनॉल उत्पादन में भी इसकी बड़ी भूमिका है. पेट्रोल में एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके लिए गन्ने की जरूरत होती है. ऐसे में गन्ना उगाने वाले किसानों की भूमिका काफी अहम है. अरविंद राजभर ने कहा कि जब गन्ने की जरूरत बढ़ रही है तो किसानों को भी उनकी फसल की उचित कीमत मिलनी चाहिए.

गन्ने से चीनी तक, बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों पर

अरविंद राजभर ने कहा कि गन्ने की प्रोसेसिंग के बाद चीनी तैयार होती है और जब चीनी की कीमत बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिलना जरूरी है, लेकिन साथ ही आम जनता को भी बढ़ती महंगाई से राहत मिलनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि अगर जनता के हितों को नुकसान पहुंचता है तो सुभासपा सबसे पहले आवाज उठाएगी. जरूरत पड़ने पर पार्टी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन भी करेगी. उनके मुताबिक, जनता के हितों की रक्षा करना पार्टी की प्राथमिकता है.

गठबंधन की अटकलों पर अरविंद राजभर ने दी सफाई

अखिलेश यादव के साथ संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अरविंद राजभर ने कहा कि दूसरी तरफ से लगातार फोन और बुलावे आ रहे हैं. हालांकि उन्होंने किसी नए गठबंधन की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि सुभासपा एनडीए के साथ है और उसी गठबंधन के साथ आगे की राजनीतिक रणनीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी एनडीए के साथ रहकर पीडीए को राजनीतिक चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है. सपा की ओर से दिए गए 'चवन्नी' वाले बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया. अरविंद राजभर ने कहा कि पिछली बार सीटों की संख्या 47-45 से बढ़कर 111 तक पहुंचने में सहयोगी दलों की भी भूमिका रही है.

86 सीटों पर काम कर रही सुभासपा

अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा उत्तर प्रदेश की 86 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक स्तर पर काम कर रही है. पार्टी की इन सीटों पर मजबूत दावेदारी है और वह चुनाव में इतनी ही सीटों की मांग कर रही है. हालांकि उन्होंने कहा कि एनडीए की ओर से पार्टी को जितनी सीटें मिलेंगी, सुभासपा उतनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने साफ किया कि पार्टी अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने के साथ-साथ आगामी चुनावों की तैयारी भी कर रही है. कई विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी लंबे समय से काम कर रही है और वहां अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

13 सितंबर को हरदोई में होगी सामाजिक समरसता महारैली

हरदोई दौरे के दौरान अरविंद राजभर ने 13 सितंबर को होने वाली सुभासपा की सामाजिक समरसता महारैली की तैयारियों की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर इस रैली में मुख्य अतिथि होंगे. अरविंद राजभर हरदोई में कार्यक्रम की तैयारियों और रैली स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे. उनके मुताबिक, यह सुभासपा की करीब 40वीं सामाजिक समरसता महारैली होगी. पार्टी की कोशिश एनडीए और भाजपा के किसी बड़े नेता को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित करने की है. रैली के जरिए सामाजिक एकजुटता, हक-हिस्सा और अधिकार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.

संडीला समेत कई सीटों पर सुभासपा का फोकस

हरदोई में सुभासपा का मुख्य राजनीतिक फोकस संडीला विधानसभा सीट पर है. अरविंद राजभर ने बताया कि पार्टी इस क्षेत्र में करीब 10 वर्षों से संगठनात्मक रूप से काम कर रही है. इसके अलावा पार्टी सीतापुर की मिश्रिख और महोली विधानसभा सीटों पर भी सक्रिय है. उन्होंने दावा किया कि 13 सितंबर को होने वाली सामाजिक समरसता महारैली से पार्टी अपनी राजनीतिक और सामाजिक ताकत का बड़ा संदेश देगी. वहीं चीनी की बढ़ती कीमत, गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सुभासपा के रुख ने भी राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है. (प्रशांत पाठक का इनपुट)

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