CM योगी बोले- यूपी में 2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग, अब चोरी की तो...

CM योगी बोले- यूपी में 2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग, अब चोरी की तो...

UP News: योगी ने कहा कि 2014-15 में हुदहुद साइक्लोन आया था, जिससे असमय अतिवृष्टि, अनावृष्टि, अत्यधिक बारिश से वर्ष भर का फसल चक्र बिगड़ा था. उस समय केंद्र सरकार ने आपदा राहत से पैसा उपलब्ध कराया था. यह पैसा 2017 तक नहीं बंट पाया था. मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने किसानों को वह पैसा बांटा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo-Social Media)मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo-Social Media)
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Aug 25, 2026,
  • Updated Aug 25, 2026, 5:41 PM IST

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकार पर कड़ा प्रहार किया. सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले किसान खेत में जाने से डरता था. उसकी मोटर चोरी हो जाती थी, लेकिन अब कोई मोटर चोरी नहीं करता, क्योंकि ऐसे लोगों को पता है कि चोरी करने पर अंजाम भुगतना पड़ेगा. वहीं, 2017 के पहले सरकार के लोग ही मोटर चोरी कराते थे.

यूपी में किसान को मिला न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ

सीएम ने 2017 के पहले बिजली क्षेत्र की दुर्दशा का भी जिक्र करते हुए बताया कि यूपी के किसानों को सर्वाधिक (10 घंटे) बिजली मिलती है. 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल का 3000 करोड़ रुपये का बिजली बिल भी सरकार ने माफ किया. अब इसका भुगतान प्रदेश सरकार करती है. पहली बार यूपी में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिला है.

चीनी मिल का स्क्रैप 10 करोड़ में बिकता, उसे 3 करोड़ में बेचा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले गन्ना किसानों की तबाही बयान की और बताया कि 2009 से चीनी मिलों पर बकाया था. 2007 से 2017 के बीच सपा-बसपा सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था. उन्होंने कहा कि गोरखपुर मंडल की एक चीनी मिल मात्र तीन करोड़ रुपये में बेची गई थी, जबकि उसका स्क्रैप ही 10 करोड़ में बिकता. उस जमीन की कीमत आज 1000 करोड़ रुपये है. बतौर सांसद मैंने आंदोलन किया और माफिया की चलने न दी. तत्कालीन सरकारें चीनी मिलों को बंद करती थीं. वहीं, आज प्रदेश में 122 मिलें चल रही हैं।

30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं कृषि विकास दर

सीएम योगी ने कहा कि यूपी जितना सामर्थ्य किसी के पास नहीं है. यूपी ने कृषि विकास दर 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया. अब इसे और आगे बढ़ाते हुए 30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं. इसके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने होंगे. वहीं, चौधरी चरण सिंह सीड पार्क काम काम लखनऊ में प्रारंभ हो रहा है. अब 3.25 लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जा चुके हैं. सीएम ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया. 

किसानों के लिए 2014-15 में आया पैसा हमने 2017 में बांटा 

योगी ने कहा कि 2014-15 में हुदहुद साइक्लोन आया था, जिससे असमय अतिवृष्टि, अनावृष्टि, अत्यधिक बारिश से वर्ष भर का फसल चक्र बिगड़ा था. उस समय केंद्र सरकार ने आपदा राहत से पैसा उपलब्ध कराया था. यह पैसा 2017 तक नहीं बंट पाया था. मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने किसानों को वह पैसा बांटा. अब मानव-वन्यजीव संघर्ष, सर्पदंश, आकाशीय बिजली की चपेट में आने पर किसान, बटाईदार व परिवार वालों को 24 घंटे के भीतर 5 लाख की सहायता देते हैं. अतिवृष्टि-अनावृष्टि खेत का नुकसान हुआ है तो फसल बीमा का पैसा बाद में मिलेगा, लेकिन आपदा राहत का पैसा किसान को तत्काल दिलाते हैं.

हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया

उन्होंने कहा कि 2017 के पहले किसान सरकार के एजेंडे में ही नहीं था, लेकिन हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया. 2018 में बाणसागर परियोजना पूरी की. इससे ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है. वहीं, अर्जुन सहायक परियोजना के जरिए महोबा से बांदा तक सिंचाई सुविधा को बढ़ाया गया है. जबकि 1972 में बनी सरयू राष्ट्रीय नहर परियोजना 2021 में पूरी हुई. इससे बहराइच से गोरखपुर तक 9-10 जनपदों को 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा मिल रही है. 

अच्छे कार्यों से किसानों के मन में जगह बनाइए

योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से कहा कि मंडियों को चमकाइए. वह साफ-सुथरी हों, कचरे का निस्तारण व रंगरोगन हो. किसानों को बुनियादी सुविधाएं, सम्मान मिले, मंडी समिति की सड़कों का समय से निर्माण हो. शेड अच्छे व प्रभावी हों. किसान की उपज की खरीद व एमएसपी देने की उचित व्यवस्था हो. वहीं,मंडी को ई-नाम से जोड़ने की कार्रवाई को बढ़ाइए. उन्होंने कहा कि किसानों को वैल्यू एडिशन, ड्रिप एरिगेशन, स्प्रिंकलर प्रणाली, आधुनिक तकनीकों से जोड़ें ताकि उनकी आमदनी बढ़े, आपके अच्छे कार्यों से किसानों के मन में श्रद्धाभाव पैदा होगा. 

यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं

सीएम ने कहा कि यूपी 140 करोड़ देशवासियों का भी पेट भरने की क्षमता रखता है. यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है. यूपी में एक महीने की कुल खपत 4 लाख टन चीनी है और हमारे पास 28 लाख टन चीनी (7 महीने की चीनी) मौजूद है. वहीं, 15 अक्टूबर से चीनी मिलें प्रारंभ होगी तो 90 लाख टन चीनी का और उत्पादन हो जाएगा.

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