Maize Price: RJD सांसद ने PM मोदी को लिखा पत्र, मक्‍का MSP और इथेनॉल डिस्‍ट‍िलरीज की जांच की उठाई मांग

Maize Price: RJD सांसद ने PM मोदी को लिखा पत्र, मक्‍का MSP और इथेनॉल डिस्‍ट‍िलरीज की जांच की उठाई मांग

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मक्का उत्पादक किसानों की समस्या उठाई है. उन्होंने कहा कि MSP ₹2,410 प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों को करीब ₹1,800 या उससे कम कीमत मिल रही है. सांसद ने NAFED और NCCF के जरिए MSP पर खरीद शुरू कराने की मांग की है.

MP sudhakar singh MP sudhakar singh
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 03, 2026,
  • Updated Jul 03, 2026, 8:30 PM IST

राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और बक्सर से लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने देशभर के मक्का उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने इथेनॉल उद्योग में इस्तेमाल होने वाले मक्का की खरीद, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने और इथेनॉल कंपनियों की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. सांसद का कहना है कि बिहार समेत कई राज्यों में किसान घोषित MSP से काफी कम कीमत पर मक्का बेचने को मजबूर हैं.

पत्र में सुधाकर सिंह ने कहा है कि वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने मक्का का MSP 2,410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. इसके बावजूद किसानों को अपनी उपज करीब 1,800 रुपये प्रति क्विंटल या उससे भी कम दाम पर बेचनी पड़ रही है. उन्‍हाेंने कहा कि इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और वे अपनी मेहनत की उचित कीमत से वंचित हो रहे हैं.

'इथेनॉल नीति से उम्मीदें बढ़ी, लेकिन फायदा नहीं मिला'

सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के जरिए किसानों को भरोसा दिलाया था कि मक्का की मांग बढ़ेगी और उन्हें बेहतर कीमत मिलेगी. इसी भरोसे पर किसानों ने मक्का उत्पादन भी बढ़ाया. लेकिन मौजूदा स्थिति इसके उलट है. किसानों को घोषित MSP तक नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें निराशा और असंतोष बढ़ रहा है.

NAFED और NCCF के जरिए खरीद की मांग

सुधाकर सिंह ने अपने पत्र में कहा कि NAFED और NCCF किसानों से MSP पर मक्का खरीद सकते हैं, लेकिन इसके लिए एथेनॉल डिस्टिलरियों की ओर से अग्रिम खरीद आदेश जारी होना जरूरी है. उन्‍होंने आरोप लगाया कि ज्‍यादातर डिस्टिलरियां ऐसे आदेश जारी नहीं कर रही हैं. इसके कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पा रही है और किसानों को मजबूरन खुले बाजार में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है.

इथेनॉल कंपनियों के मूल्य निर्धारण पर सवाल

पत्र में सांसद ने कहा कि कई इथेनॉल डिस्टिलरियां किसानों से करीब 1,800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का खरीद रही हैं, जबकि इथेनॉल के मूल्य निर्धारण में सरकार MSP 2,410 रुपये प्रति क्विंटल को आधार मानती है. उन्‍होंने कहा कि अगर उद्योगों को MSP आधारित लागत का लाभ दिया जा रहा है तो किसानों तक भी उसी MSP का वास्तविक लाभ पहुंचना चाहिए. अन्यथा इसका फायदा केवल उद्योगों को मिलेगा और किसान अपने वैधानिक अधिकार से वंचित रह जाएंगे.

स्वतंत्र ऑडिट और पारदर्शी जांच की मांग

सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि इथेनॉल निर्माण में इस्‍तेमाल होने वाले मक्का की खरीद प्रक्रिया का स्वतंत्र और पारदर्शी ऑडिट कराया जाए. उन्होंने कहा कि यह साफ होना चाहिए कि कंपनियों ने मक्का किस स्रोत से, किस कीमत पर और किन परिस्थितियों में खरीदा. 

साथ ही हर इथेनॉल डिस्टिलरी का विस्तृत ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. उन्होंने जांच के दौरान किसानों के बयान भी दर्ज करने और किसी भी अनियमितता मिलने पर संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

MSP पर खरीदे गए मक्का के उपयोग की भी उठाई मांग

सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि जिन एथेनॉल डिस्टिलरियों को MSP आधारित मूल्य निर्धारण का लाभ मिलता है, उन्हें केवल NAFED और NCCF के माध्यम से MSP पर खरीदे गए मक्का का ही उपयोग करने की अनुमति दी जाए. इसके साथ ही प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई है, ताकि कोई भी डिस्टिलरी किसानों से MSP से कम कीमत पर खरीद कर अनुचित लाभ न कमा सके.

सुधाकर सिंह ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि समय रहते जरूरी कदम उठाए जाने से किसानों को उनकी उपज का न्यायसंगत मूल्य मिल सकेगा और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का वास्तविक लाभ भी किसानों तक पहुंच पाएगा.

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