Parliament Session 2024: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर आभार प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के मुद्दों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की नीतियों और विकासकार्यों को खुलकर सामने रखा. उन्होंने विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि हम फसलों पर एमएसपी दे रहे हैं और किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार प्रतिबद्ध है. पीएम के संबोधन के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. पीएम मोदी ने लोकसभा में हाथरस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी यूपी सरकार से संपर्क में हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि हम 4 करोड़ गरीबों के घर बना चुके हैं, 3 करोड़ और घर बनाकर जरूरतमंदों को देंगे. उन्होंने आगे कहा कि 10 साल में हमने सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए देश की बहनों को एंटरप्रेन्योर के क्षेत्र में आगे ले जाना चाहते हैं. हम बहुत कम समय में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लेकर चल रहे हैं. हमारे तीसरे टर्म का मतलब है कि हम तीन गुना तेज गति से काम करने जा रहे हैं.
25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है. इतने कम समय में इतने लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का ये सफल प्रयास इस चुनाव में हमारे लिए आशीर्वाद का कारण बना है. हम 2014 में जब पहली बार जीतकर आए थे तो चुनाव के अभियान में कहा था कि हमारा करप्शन के प्रति जीरो टॉलरेंस रहेगा. आज मुझे गर्व है कि हमारी सरकार में देश का सामान्य मानव जो करप्शन के कारण पीड़ित था, ऐसे में भ्रष्टाचार के प्रति हमारी जो जीरो टॉलरेंस नीति है आज देश ने हमें उसके लिए आशीर्वाद दिया. आज दुनियाभर में भारत की साख बढ़ी है.
विकसित भारत का सीधा-सीधा लाभ हमारे देश के नागरिकों की गरिमा, क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार, स्वाभाविक रूप से भाग्य में आता है. आजादी के बाद सामान्य नागरिक इन चीजों के लिए तरसता रहा है. हमारे गांव, शहरों की स्थिति में भी बहुत बड़ा सुधार होता है. गांव के जीवन में गरिमा भी होती है, विकास के नए अवसर भी होते हैं. दुनिया की विकास यात्रा में भारत के शर भी बराबरी करेंगे, ये हमारा सपना है. विकसित भारत का मतलब होता है कोटि-कोटि नागरिकों को अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं और वो अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे सकता है. देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि विकसित भारत के जिस संकल्प को लेकर हम चले हैं, उसकी पूर्ति के लिए हम भरसक प्रयास करेंगे, पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे. हमारे समय का पल-पल, शरीर का कण-कण विकसित भारत के सपने को साकार करने में लगाएंगे. हम उस काम को अवश्य पूरा करेंगे.
ईवीएम को लेकर झूठ, आरक्षण को लेकर झूठ, राफेल को लेकर झूठ, बैंकों को लेकर झूठ, कर्मचारियों को भड़काने का प्रयास हुआ. कल सदन को भी गुमराह करने का प्रयास हुआ. कल अग्निवीर को लेकर झूठ बोला गया. झूठ बोला गया कि एमएसपी नहीं दिया जा रहा है. संविधान की सीमा से खिलवाड़, ये सदन का दुर्भाग्य है. जो दल 60 साल तक यहां बैठा है, जो सरकार के काम को जानता है, जिसके पास अनुभवी नेता हैं वे जब अराजकता के रास्ते पर चले जाएं तब देश गंभीर संकट की तरफ जा रहा है. इसका सबूत मिल रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि ये युग ग्रीन युग है. हमने रिन्यूएबल एनर्जी का भारत पॉवरहाउस बने उस दिशा में हमने कदम उठाए हैं. भविष्य ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ा है, ईव्हीकल से जुड़ा है. भारत को ग्रीन हाईड्रोजन बनाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं.
सेना में भर्ती को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है, ताकि नौजवान सेना में न जाएं. आखिर किसके लिए कांग्रेस हमारी सेनाओं को कमजोर करना चाहती है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जा रहा है. नीट परीक्षा के मामले में गिरफ्तारियां की जा रही हैं. केंद्र सरकार पहले की कानून बना चुकी है. परीक्षा कराने वाले पूरे सिस्टम को पुख्ता करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. एनडीए सरकार ने बीते 10 वर्षों में विकास को अपना सबसे बड़ा संकल्प बनाया है.
सेना में युवाओं की ताकत बढ़ाने के लिए हम लगातार युद्ध योग्य सेना बनाने के लिए रिफॉर्म कर रहे हैं. समय पर रिफॉर्म नहीं होने से सेना का नुकसान हुआ है. देश की सुरक्षा गंभीर मसला होता है. ऐसे रिफॉर्म का उद्देश्य किसी भी परिस्थिति में, अब युद्ध के रूप, संसाधन और शस्त्र बदल रहे हैं. देश की सेना को आधुनिक बनाने के समय कांग्रेस झूठ फैला रहे हैं. कांग्रेस के लोग कभी भी भारतीय सेनाओं को ताकतवर होते नहीं देख सकते. कौन नहीं जानता कि नेहरू जी के समय देश की सेनाएं कितनी कमजोर होती थीं. हमारी सेनाओं में कांग्रेस ने जो लाखों करोड़ के घोटाले किए, जिससे देश की सेना को कमजोर किया है.
पीएम ने कहा कि आज हिंदुओं पर आरोप लगाने की साजिश हो रही है, षड़यंत्र हो रहा है. ये कहा गया कि हिंदू हिंसक होते हैं. ये हैं आपके संस्कार और सोच. ये देश शताब्दियों तक इसे भूलने वाला नहीं है. मेरा बंगाल मां दुर्गा की पूजा करता है, शक्ति की पूजा करता है. आप शक्ति के विनाश की बातें करते हो. इन लोगों ने हिंदू आतंकवाद शब्द गढ़ने की कोशिश की थी. इनके साथी हिंदू धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया शब्दों से करें और ये लोग तालियां बजाएं, ये देश कभी माफ नहीं करेगा. सोची समझी रणनीति के तहत इनका पूरा इकोसिस्टम हिंदू समाज और देश की विरासत को नीचा दिखाना, गाली देना, मजाक बनाना फैशन बना दिया है. ईश्वर के दर्शन होते हैं उनका प्रदर्शन नहीं होता. हमारे देवी-देवताओं का अपमान दिलों को चोट पहुंचा रहा है. निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए ईश्वर के रूपों का इस प्रकार से खेल ये देश कैसे माफ कर सकता है. अब हिंदू समाज को सोचना पड़ेगा ये अपमान संयोग है या प्रयोग है.
इन हरकतों को बालक बुद्धि कह करके नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके पीछे इरादे नेक नहीं हैं. इरादे गंभीर खतरे के हैं. मैं देशवासियों को जगाना चाहता हूं. इन लोगों का झूठ हमारे देश के नागरिकों की विवेक पर आशंका व्यक्त करता है. सभापति जी इस सदन की गरिमा बचाने की जिम्मेदारी आप पर है. आप इस पर कठोर कार्रवाई करेंगी ये सदन की अपेक्षा है. कांग्रेस ने संविधान और आरक्षण पर झूठ बोला है.
कांग्रेस ने झूठ को राजनीति का हथियार बनाया. कांग्रेस के मुंह झूठ लग गया है. जैसे आदमखोर को मुंह में लहू लग जाता है, वैसे ही कांग्रेस के मुंह झूठ का खून लग गया है. देश ने कल 1 जुलाई को खटाखट दिवस भी मनाया है. 1 जुलाई को लोग अपने बैंक अकाउंट चेक कर रहे थे, कि 8500 रुपये आए कि नहीं आए. ये झूठ बोलने का परिणाम देखिए, इसी चुनाव में कांग्रेस ने देशवासियों को गुमराह किया. हर महीने 8500 रुपये देने का झूठ बोला.
इन पर महान स्वातंत्र सेनानी वीर सावरकर पर अपमान करने का मुकदमा है. इन पर देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को हत्यारा कहने का मुकदमा चल रहा है. इन पर नेताओं, अधिकारियों, संस्थाओं पर झूठ बोलने के आरोप हैं और केस चल रहे हैं. बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है और न ही व्यवहार का ठिकाना होता है. यह बालक बुद्धि अपनी सीमाएं खो देती है. सदन में बैठकर आंखें मारते हैं. इनकी सच्चाई अब पूरा देश समझ गया है. आज देश इनसे कह रहा है तुमसे न हो पाएगा.
कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के वोट न खाए होते तो लोकसभा में इतनी सीटें जीत पाना भी मुश्किल था. ऐसे समय एक अवसर आया देश के विकास के रास्ते को चुना है. देश ने विकसित भारत के सपने को साकार करने का मन बना लिया है. भारत को एकजुट होकर समृद्धि का नया सफर तय करना है. ऐसे समय देश का दुर्भाग्य है कि हिंदुस्तान में 6 दशक तक राज करने वाली पार्टी अराजकता फैलाने में जुटी है. दक्षिण में जाकर उत्तर के खिलाफ बोलते हैं और उत्तर जाकर पश्चिम के खिला बोलते हैं, महापुरुषों के खिलाफ बोलते हैं. इन्होंने भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश की है. कांग्रेस खुलेआम एक जाति को दूसरी से लड़ाने के लिए अफवाहें फैला रही है. कांग्रेस देश में आर्थिक अराजकता फैलाने की दिशा में सोची समझी चाल चल रही है.
पीएम ने कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों से कहूंगा कि जनादेश को फर्जी नशे में मत दबाओ, ईमानदारी से देशवासियों के जनादेश को जरा समझने की कोशिश करो. उसे स्वीकार करो. अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परिजीवी कांग्रेस की तरह जानी जाएगी. और परिजीवी वो होता है जो उस शरीर के साथ रहता उसी को खाता है. कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है उसी के वोट खा जाती है. इसलिए कांग्रेस परिजीवी कांग्रेस बन चुकी है.
पीएम ने कहा कि कांग्रेस को जनादेश है कि विपक्ष में ही बैठो, तर्क खत्म हो जाए तो चीखते रहो. उन्होंने कहा कि 10 लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें कांग्रेस 250 का आंकड़ा भी छू नहीं पाई है. इस बार किसी तरह 99 के चक्कर में फंसे रह गए हैं. चुटकी लेते हुए कहा कि 100 में 99 नहीं आए हैं 543 में 99 आए हैं. कांग्रेस के नेताओं के बयानों में शोले फिल्म को पीछे छोड़ दिया. आप सबको शोले फिल्म की मौसी जी याद होंगी. तीसरी बार तो हारे हैं पर मौसी ये बात तो सही है, तीसरी बार ही तो हारे हैं पर मौसी मोरल विक्ट्री तो है न. पीएम ने आगे कहा कि 13 राज्यों में 0 सीटें आई हैं. अरे मौसी 13 राज्यों में जीरो सीटे आई हैं पर हीरो तो है न. अरे पार्टी की लुटिया तो डुबोई है, अरे मौसी पार्टी अभी सांसें तो ले रही है.
पीएम ने कहा कि 2014 के पहले यही शब्द सुनाई देते थे- इस देश का कुछ नहीं हो सकता. .ये सात शब्द भारतीयों की निराशा की पहचान बन गए थे. अखबार खोलते थे तो घोटालों की खबरें ही पढ़ने को मिलती थीं. रोज नए घोटाले, घोटाले ही घोटाले. घोटालों की घोटालों से स्पर्धा, घोटालेबाज लोगों के घोटाले. बेशर्मी के साथ ये स्वीकार भी कर लिया जाता था कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो 15 पैसे पहुंच पाते थे. भाई-भतीजावाद इतना फैला हुआ था कि सामान्य नौजवान तो आशा छोड़ चुका था कि अगर कोई सिफारिश करने वाला नहीं है तो जिंदगी ऐसे ही चलेगी. ऐसे कालखंड में हमारी सरकार आई थी. 10 साल में हमारी सरकार की कई सिद्धियां हैं. देश निराशा के गर्त से निकला. आज देश कहने लगा तीव्र गति से 5जी का रोलआउट होना, देश कहने लगा भारत कुछ भी कर सकता है. कोयला घोटाले में बड़े-बड़ों के हाथ काले हो गए थे और आज कोयला प्रोडक्शन बढ़ा है. वो एक समय था 2014 से पहले जब फोन बैंकिंग करके बड़े बड़े घोटाले किए जा रहे थे. पर्सनल प्रॉपर्टी की तरह बैंक का खजाना लूट लिया गया था. 2014 के बाद नीतियों में परिवर्तन का परिणाम है कि दुनिया के अच्छे बैंकों में भारत के बैंकों का स्थान बन गया. 2014 के पहले वह भी एक वक्त था जब आतंकी आकर के जब जहां चाहें, हमला कर सकते थे. निर्दोष लोग मारे जाते थे, कोने-कोने को टारगेट किया जाता था और सरकारें मुंह तक खोलने को तैयार नहीं थीं. 2014 के बाद का हिंदुस्तान घर में घुसकर मारता है.
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के उन दिनों को याद करेंगे तो हमें ध्यान आएगा कि देश के लोगों का आत्मविश्वास खो चुका था. देश निराशा के सागर में डुबा था. 2014 के पहले देश ने जो सबसे बड़ा नुकसान भुगता था, अमानत खोई थी, वह था आत्मविश्वास. 2014 के पहले यही शब्द सुनाई देते थे- इस देश का कुछ नहीं हो सकता. .ये सात शब्द भारतीयों की निराशा की पहचान बन गए थे. अखबार खोलते थे तो घोटालों की खबरें ही पढ़ने को मिलती थीं. रोज नए घोटाले, घोटाले ही घोटाले. घोटालों की घोटालों से स्पर्धा, घोटालेबाज लोगों के घोटाले., बेशर्मी के साथ ये स्वीकार भी कर लिया जाता था कि दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो 15 पैसे पहुंच पाते थे. भाई-भतीजावाद इतना फैला हुआ था कि सामान्य नौजवान तो आशा छोड़ चुका था कि अगर कोई सिफारिश करने वाला नहीं है तो जिंदगी ऐसे ही चलेगी.
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार झूठ का सहारा लेने के बावजूद उन्हें करारी हार मिली है .विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार झूठ का सहारा लेने के बावजूद उन्हें करारी हार मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि जनता ने हमें दुनिया के सबसे बड़े चुनाव अभियान में चुना है. मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बावजूद भी उनका घोर पराजय हुआ.
हमारा एक लक्ष्य नेशन फर्स्ट है. हमारी हर नीति, हर निर्णय और कार्य का एक ही तराजू रहा कि भारत प्रथम. इसी भावना के साथ देश के लिए आवश्यक रिफॉर्म किए हैं. 10 वर्ष में हमारी सरकार ने सबका साथ सबका विकास मंत्र को लेकर सभी लोगों का कल्याण करने का प्रयास करती रही है.