MP की इस मंडी में किसानों का बड़ा आंदोलन, ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन, 16 सूत्रीय मांगों पर अड़े

MP की इस मंडी में किसानों का बड़ा आंदोलन, ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन, 16 सूत्रीय मांगों पर अड़े

मध्य प्रदेश के हरदा में किसानों ने उपज के सही दाम और एमएसपी पर खरीदी की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया है. हरदा मंडी में हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ जुटे हैं और 16 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, आंदोलन जारी रहेगा.

Harda farmers protestHarda farmers protest
क‍िसान तक
  • Harda,
  • Apr 29, 2026,
  • Updated Apr 29, 2026, 1:31 PM IST

मध्य प्रदेश के हरदा में किसानों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है. हरदा मंडी में मंगलवार को किसान कई ट्रैक्टर लेकर पहुंचे और उपज के सही दाम के लिए प्रदर्शन किया. किसानों का आरोप है कि राज्य में कृषि नीतियों और खरीदी व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष की वजह से वे आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि जब तक उनकी 16 सूत्रीय मांगों को सरकार नहीं सुनेगी, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे. 

किसानों ने 16 सूत्रीय मांगों को लेकर 'घेरा डालो डेरा डालो किसान क्रांति आंदोलन'किया. किसान गेहूं और मूंग की खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हरदा, देवास, नर्मदापुरम और खंडवा जिले के किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ कृषि मंडी में जमा हुए हैं. हालात को देखते हुए कलेक्ट्रेट-मंडी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. 5 बटालियनों के 1100 जवान तैनात किए गए हैं.

एमएसपी पर खरीद नहीं होने से नाराजगी

विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार उनकी उपज को एमएसपी पर नहीं खरीद रही है. खाद समय पर नहीं मिल रही है और लोन पेमेंट की समय सीमा को नहीं बढ़ाया जा रहा है जिससे किसान डिफॉल्टर घोषित हो रहे हैं. इन सभी मांगों को लेकर किसान अपना ट्रैक्टर लेकर हरदा मंडी में पहुंचे हैं.

हरदा जिले के चारखेड़ा गांव के किसान ने बताया कि गेहूं बिक्री में दिक्कत आ रही है, स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं. खाद-बीज खरीदने में भी परेशानी हो रही है और सरकार से किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है. मंडी में आए बाकी किसानों ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की मनमानी नहीं चलेगी और वे अपना हक लेकर रहेंगे.

हरदा मंडी में जुटे 10-15 हजार किसान

किसान नेता ने बताया कि हरदा मंडी में 10 से 15 हजार किसान एकत्रित हुए हैं और वे सभी आम राय बनाते हुए आंदोलन की आगे की दिशा तय करेंगे. किसान आपस में राय-मशवरा करने के बाद प्रशासन के घेराव जैसे निर्णयों पर फैसला लेंगे. ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे किसानों ने बताया कि वे खाने-पीने के सामान और बिस्तर आदि लेकर पहुंचे हैं. इसलिए आंदोलन कई दिनों तक चल सकता है.

भरी गर्मी से बचने के लिए किसानों ने ट्रॉली पर छांव की भी व्यवस्था की है. पत्तों से ट्रॉलियों की छत बनाई है ताकि धूप से बचा जा सके. किसानों ने कहा कि शासन अगर उनकी मांगें नहीं मानता है तो मंडी में ही डेरा डालकर आंदोलन किया जाएगा. इस आंदोलन में किसी पार्टी को शामिल नहीं किया गया है और केवल किसान नेता ही इसमें हिस्सा ले रहे हैं. किसान नेताओं से बात करने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.

16 सूत्रीय मांगों पर अड़े किसान

विरोध करने वाले किसानों ने कहा कि अभी तक उनका पूरा गेहूं बिक जाना चाहिए था, लेकिन स्लॉट बुक भी नहीं हो रहे हैं. उन्हें एमएसपी का कोई फायदा नहीं मिल रहा है. किसान रात में दो-दो बजे तक जा रहे हैं, लेकिन स्लॉट बुक नहीं हो रहा है. इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए किसानों ने 16 सूत्रीय मांगें रखी हैं.

इन मांगों में एक पराली का मुद्दा भी है. किसानों का कहना है कि पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज की जा रही है जो कि गलत है. सरकार पराली का कोई समाधान निकाले, न कि उनके खिलाफ मुकदमा लिखा जाए. किसानों ने मांग उठाई है कि पिछले आंदोलन में उनके साथियों के खिलाफ मुकदमे हुए थे, जिसे जल्द वापस लिया जाए. इस तरह की 16 मांगों को लेकर किसान हरदा मंडी में आंदोलन कर रहे हैं.(लोमेश कुमार गौर का इनपुट)

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