
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि अन्नदाता, रोजगारदाता और इनोवेशन की नई पद्धतियों के तौर पर हरियाणा आज देश के केंद्र बिंदु के तौर पर उभर रहा है. साझा प्रयासों के साथ प्रदेश राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और विकास की दौड़ में हरियाणा सदैव अग्रणी बना रहेगा.मुख्यमंत्री ने यह बात तब कही जब वह मंगलवार को गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित प्री-बजट कंसलटेशन सेशन के पहले दिन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे.
सैनी ने कहा कि हरियाणा बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहा है, जहां समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों ने अपनी अलग पहचान बनाई है. एक ओर प्रदेश के किसान अन्नदाता के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर हरियाणा के युवा देश की सीमाओं पर प्रहरी बनकर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं. उनका कहना था कि आज हरियाणा कृषि के साथ-साथ खेल और औद्योगिक क्षेत्र में भी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक 1 नवंबर 1966 को हरियाणा के गठन के समय प्रदेश को लेकर कई आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले लोगों ने अपने परिश्रम से हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.उनका कहना था कि प्री-बजट कंसलटेशन के दौरान प्रदेश के विकास को लेकर जो सुझाव हासिल हुए हैं वो बेहद उपयोगी और सराहनीय हैं. पहले के बजटों में भी कई महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल किया गया, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेशवासियों को मिले हैं.
सीएम सैनी के अनुसार हरियाणा ‘विजन 2047’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है, तब विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों का महत्व और बढ़ जाता है. विभिन्न विभागों और अधिकारियों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों में नवाचार, रोजगार सृजन और ज्ञान आधारित विकास को लेकर कई अहम बिंदु सामने आए हैं. साथ ही यह भरोसा भी जताया कि आने वाले समय में हरियाणा और तेज गति से प्रगति करेगा.इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे.
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