
बिहार में मक्का किसानों की स्थिति दिन-ब-दिन बेहद खराब होती जा रही है. ऐसे में अब राज्य में विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं. इस बीच, एक किसान संगठन ने राज्य में मक्का किसानों के हक में आंदोलन की चेतावनी दी है. बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडु ने एक वीडियो जारी कहा है कि प्रदेश में 2100 करोड़ रुपये की लागत से लगी चौदह एथेनॉल फैक्ट्रियां केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण अब बंद हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन के लिए बिहार में जो कॉन्ट्रैक्ट किया गया था, वह मात्र 35 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है, जबकि अन्य राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना में उत्पादित 100 प्रतिशत इथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल ब्लेंडिंग में किया जा रहा है.
टुडु ने मक्का किसानों को सही दाम न मिल पाने के मुद्दे पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने मक्का किसानों को मंडियों में उचित दाम नहीं मिल रहा है. पिछले साल मक्का की कीमतें 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल थीं, लेकिन इस साल यह घटकर 1200 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं. गुलाब बाग मंडी, नौगछिया, खगड़िया, सहरसा, अररिया और किशनगंज की मंडियों में किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
किसान नेता ने कहा कि इथेनॉल फैक्ट्रियों की बंदी ने बिहार के मक्का उत्पादकों की आर्थिक स्थिति को और खराब कर दिया है. धीरेंद्र सिंह टुडु ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण बिहार में इथेनॉल उत्पादन प्रभावित हुआ है. उन्होंने मांग की कि इथेनॉल फैक्ट्रियों को फिर से चालू किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके.
बिहार किसान मंच ने मक्का प्राधिकरण बोर्ड के गठन की मांग की है. टुडु ने कहा कि इस बोर्ड के गठन से मक्का उत्पादकों को उचित दाम पर मक्का बेचने का मौका मिलेगा. उन्होंने भारत सरकार और राज्य के उद्योग मंत्री से अपील की कि वे मक्का उत्पादकों की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करें.
धीरेंद्र सिंह टुडु ने घोषणा की कि मार्च में बिहार में मक्का किसानों के समर्थन में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को इस आंदोलन में शामिल किया जाएगा और खगड़िया में इसका आयोजन किया जाएगा. बिहार किसान मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि वे मक्का उत्पादकों की समस्याओं को हल करें और इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाएं.