
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक, अरविंद केजरीवाल ने India-US ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार और PM मोदी पर बड़ा हमला बोला है. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरिम ट्रेड डील के ज़रिए भारत और देश किसानों को US को "बेचना" चाहती है, और दावा किया यह पहली बार है कि एग्रीकल्चर सेक्टर में देश के हितों से इस तरह समझौता किया गया है. अरविंद केजरीवाल ने डर जताया कि US को भारत का एक्सपोर्ट आखिरकार बंद हो जाएगा, क्योंकि उस देश में हमारा सामान 18 परसेंट महंगा हो जाएगा, जो आखिरकार किसानों के लिए एक बड़ा खतरा बन जाएगा.
केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिसंबर 2027 में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले अपनी आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए ग्राउंडवर्क तैयार करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर गुजरात में हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, केजरीवाल ने कहा कि पहली बार भारत ने एग्रीकल्चर सेक्टर में इस तरह से समझौता किया है. आने वाले दिनों में हम इस ट्रेड डील का असर देखेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश और किसानों को अमेरिका को बेच दिया है. जिसके लिए देश पीएम मोदी को कभी माफ नहीं करेगा.
US ने पिछले साल अगस्त में भारत पर 25 परसेंट का टैरिफ लगाया था. बाद में रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 परसेंट और लगाया गया, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50 परसेंट हो गया. वहीं, इस महीने की शुरुआत में दोनों देश एक अंतरिम ट्रेड डील को फाइनल करने पर सहमत हुए, जिसके तहत अमेरिका ने टैरिफ को घटाकर 18 परसेंट कर दिया. हालांकि, US सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई देशों पर लगाए गए बड़े ड्यूटी के खिलाफ फैसला सुनाया, जिसके बाद भारत को अब 10 परसेंट का टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप के ऐलान के मुताबिक, 10 परसेंट का टेम्पररी इंपोर्ट सरचार्ज 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए है.
ट्रेड डील को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए, केजरीवाल ने कहा कि गुजरात मक्का, सोयाबीन, डेयरी प्रोडक्ट, मूंगफली और कपास उगाता है. इनमें से कई प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए जाते हैं, खासकर अमेरिका को. ऐसे में इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में लिखा है कि हम जो सामान US भेजेंगे, उस पर 10 परसेंट टैरिफ लगेगा. अगर US में हमारा सामान 18 परसेंट महंगा हो गया, तो हम वहां कॉम्पिटिटिव कैसे बने रहेंगे? हमारा एक्सपोर्ट आखिरकार बंद हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ, जब अमेरिकन कॉटन इंडिया भेजा जाता है, तो पहले उस पर काफी ड्यूटी लगती थी, लेकिन अब उसे ज़ीरो कर दिया गया है. इसलिए अमेरिकन कॉटन गुजरात आएगा, और जब वह यहां बिकेगा, तो हमारे किसान उसका मुकाबला नहीं कर पाएंगे. इसलिए भारतीय किसानों का उगाया हुआ कॉटन न तो इंडिया में बिकेगा और न ही US में. उन्होंने पूछा कि हमारे किसानों को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि PM मोदी ने USA के साथ ऐसी ट्रीटी क्यों की?.
केजरीवाल ने हाल ही में गुजरात में पेश किए गए सालाना बजट की भी आलोचना की और कहा कि आम आदमी को इससे बहुत उम्मीदें हैं, क्योंकि घर का खर्च काफी हद तक सरकारी फैसलों पर निर्भर करता है. लोग बजट से कीमतों में राहत और एजुकेशन और हेल्थ केयर जैसे ज़रूरी सेक्टर में सुधार की उम्मीद करते हैं. लेकिन इसमें आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में एजुकेशन के लिए कोई प्रोविज़न नहीं है और हेल्थकेयर, सड़कों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, बेरोजगारों या समाज के किसी भी तबके के लिए कुछ नहीं है.
उन्होंने कहा कि चुनाव में लगभग डेढ़ साल बाकी है. अक्सर देखा जाता है कि जब चुनाव पास आते हैं, तो कम से कम सरकारें कुछ करने की कोशिश करती हैं. कुछ राहत देती हैं ताकि उन्हें वोट मिल सके. लेकिन गुजरात सरकार को इसकी भी चिंता नहीं है. केजरीवाल ने विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग उस पार्टी के पक्ष में वोट नहीं करना चाहते. आप नेता ने कहा कि इस वजह से BJP घमंडी हो गई है. उन्हें लगता है कि उन्हें कुछ करने की ज़रूरत नहीं है. पूरा बजट सिर्फ़ लोगों का शोषण करने के लिए है. यह बजट उनके घमंड को दिखाता है और गुजरात के लोगों का अपमान है. लेकिन असेंबली इलेक्शन में लोग उन्हें जवाब देंगे. (अतुल तिवारी की रिपोर्ट)