सरकार से बातचीत फेल! महाराष्ट्र-कर्नाटक में गन्ना किसानों का आंदोलन तेज, कई जिलों में हाईवे जाम

सरकार से बातचीत फेल! महाराष्ट्र-कर्नाटक में गन्ना किसानों का आंदोलन तेज, कई जिलों में हाईवे जाम

महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने कई इलाकों में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिए. कोल्हापुर के कोगनोली टोल प्लाजा पर हजारों किसानों के प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हुआ है.

Maharashtra sugarcane farm protest Maharashtra sugarcane farm protest
ओमकार वाबले
  • Pune,
  • Oct 14, 2026,
  • Updated Oct 14, 2026, 10:32 AM IST

महाराष्ट्र में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक में कोई ठोस फैसला नहीं निकलने के बाद स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने मंगलवार को महाराष्ट्र और कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग रोको आंदोलन शुरू कर दिया है. कोल्हापुर के कोगनोली टोल प्लाजा के पास हजारों किसान पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा हो गए और यातायात रोक दिया. इसके चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. खास तौर पर मालवाहक ट्रक बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं, जिससे परिवहन प्रभावित हो रहा है. आंदोलन में शामिल किसान अपने साथ खाना बनाने के बर्तन और गैस सिलेंडर भी लेकर पहुंचे हैं. किसान अपनी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक प्रदर्शन जारी रखने की तैयारी में हैं.

गन्ने का भाव 5,500 रुपये प्रति टन करने की मांग

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में किसान गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में गन्ने की खेती की लागत और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उचित भाव तय किया जाना चाहिए. किसानों की प्रमुख मांग है कि चीनी का न्यूनतम सुरक्षित मूल्य बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो किया जाए. इसके अलावा इथेनॉल की खरीद दर 70 रुपये प्रति लीटर करने की मांग भी उठाई गई है.

किसान संगठन के मुताबिक, चीनी मिलों की ओर से 5,000 रुपये प्रति टन और केंद्र सरकार की ओर से 500 रुपये प्रति टन सब्सिडी दी जाना चाहिए. इस तरह किसान गन्ने का कुल भाव 5,500 रुपये प्रति टन चाहते हैं. इसके साथ ही संगठन की मांग है कि गन्ने की कटाई और ढुलाई का काम शुरू होने से पहले ही गन्ने का भाव घोषित कर दिया जाए. इससे किसानों को समय रहते अपनी उपज की कीमत का पता चल सकेगा और वे आर्थिक योजना बना सकेंगे.

दिल्ली में बैठक बेनतीजा रहने के बाद बढ़ा आंदोलन

गन्ने की कीमत और चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी. बैठक में किसानों की मांगों पर चर्चा की गई, लेकिन तत्काल कोई ठोस फैसला नहीं हो सका. सरकार की ओर से मांगों का अध्ययन करने के लिए समिति गठित करने की बात कही गई. हालांकि, किसान संगठन तत्काल निर्णय चाहता था.

बैठक से कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद संगठन ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया. इसके बाद स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग रोको आंदोलन शुरू किया. कोगनोली के अलावा कराड, सातारा और इंदापुर समेत महाराष्ट्र के अन्य इलाकों और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

हाईवे जाम से ट्रक और दूसरे वाहन प्रभावित

कोगनोली में किसानों के प्रदर्शन के कारण पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया है. सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बड़ी संख्या में ट्रकों के फंसने से माल की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. प्रदर्शन के बीच पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात हैं. आंदोलन लंबा खिंचने की स्थिति में यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित करने की जरूरत पड़ सकती है.

गन्ने के दाम पर टकराव का समाधान कब

एक ओर किसान गन्ने की कीमत बढ़ाने और समय से भाव घोषित करने की मांग पर अड़े हैं तो दूसरी ओर चीनी उद्योग से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार के स्तर पर चर्चा जारी है. किसानों की मांगों पर तत्काल फैसला नहीं होने से आंदोलन तेज हो गया है. स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने संकेत दिया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रह सकता है. ऐसे में अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम और किसानों के साथ होने वाली बातचीत पर है.

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