
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जयपुर कूच का कार्यक्रम रद्द करने का ऐलान किया है. नागौर और आसपास के इलाकों में किसानों की मांगों को लेकर यह आंदोलन चल रहा था, जो फिलहाल थम गया है. यह फैसला प्रशासन की ओर से किसानों को कई अहम मुद्दों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद लिया गया. मंगलवार देर रात अजमेर-नागौर सीमा पर एक होटल में किसानों के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई.
इस बैठक में नागौर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. RLP नेताओं के मुताबिक, प्रशासन ने अवैध बजरी खनन पर सख्ती से रोक लगाने का भरोसा दिया है, जिसे लंबे समय से किसान अपनी बड़ी समस्या बता रहे थे.
इसके अलावा रेलवे लाइन और हाईटेंशन बिजली ट्रांसमिशन लाइनों की वजह से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने पर भी सहमति बनी है. पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने इन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
इससे पहले किसानों और प्रशासन के बीच हुई शुरुआती बातचीत बेनतीजा रही थी. इसके बाद हनुमान बेनीवाल सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ नागौर से जयपुर की ओर रवाना हुए थे. किसान अजमेर-नागौर बॉर्डर पर रुक गए थे और आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विचार चल रहा था.
इस दौरान बेनीवाल ने रियांबड़ी कस्बे में किसानों के धरने में हिस्सा लिया और बाद में नागौर-अजमेर हाईवे जाम करने की कोशिश भी की गई. हालांकि, प्रशासन से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद जयपुर कूच का फैसला वापस ले लिया गया. (पीटीआई)