
कर्ज, इंसाफ की आस और टूटता भरोसा… उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान 40 साल के सुखवंत सिंह की जिंदगी इन्हीं सवालों के बीच रविवार सुबह हल्द्वानी के एक होटल के कमरे में खत्म हो गई. मौत से पहले उन्होंने फेसबुक पर अपना दर्द बयां किया जहां उन्होंने जमीन के सौदे में तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप कई लोगों पर लगाया. उन्होंने यह भी लिखा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिला पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की. एक किसान की यह आखिरी पुकार अब सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और लापरवाही या दोष पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही है. वहीं, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं.
जो बात और भी ज्यादा दिल दुखाने वाली है, वह है कि घटना के समय सिंह की पत्नी और बच्चे भी उनके साथ होटल में थे. शनिवार आधी रात को काठगोदाम पुलिस को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने होटल के कमरे का दरवाजा तोड़कर घायल सिंह को हॉस्पिटल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूत्रों के मुताबिक सिंह अपनी पत्नी प्रदीप कौर और अपने 14 साल के बेटे गुरशहाज सिंह के साथ गौलापार इलाके के एक होटल में रुके हुए थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने सुबह करीब 2:30 बजे होटल के कमरे में खुद को गोली मार ली. उनकी पत्नी और बेटे को भी कुछ चोटें आईं और उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया.
नैनीताल के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस मंजूनाथ टीसी उनका हालचाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे. सुसाइड करने से पहले सिंह ने फेसबुक पर लाइव होकर करीब दो दर्जन लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया. उन्होंने उधम सिंह नगर डिस्ट्रिक्ट पुलिस पर उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया. सिंह ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि पुलिस भ्रष्टाचार में शामिल है और उन पर दबाव डाल रही है. सिंह के परिवार वालों ने कहा कि कुछ प्रॉपर्टी डीलस से करोड़ों रुपये की ठगी के बाद वह काफी स्ट्रेस में थे. जबकि एसएसपी का कहना है कि पुलिस ने वीडियो और दूसरे सुरागों के आधार पर जांच शुरू कर दी है. साथ ही यह भी कहा कि परिवार वालों की शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
दूसरी ओर सीएम धामी ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिए हैं. धामी ने मामले की जानकारी लेने के लिए चीफ सेक्रेटरी आनंद बर्धन और पुलिस डायरेक्टर जनरल दीपम सेठ से बात की. उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने और मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का भी निर्देश दिया.
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