
पंजाब के बठिंडा में बढ़ते तनाव के बीच किसान और पुलिस एक बार फिर आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच झड़प जियोंड गांव में हुई. यहां प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच टकराव हो गया. घटना के दौरान, पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जबकि प्रदर्शनकारियों की तरफ से पत्थरबाजी की भी खबर है.
बुधवार को भारतीय किसान एकता उगराहां से जुड़े किसान बठिंडा में DC ऑफिस के पास विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे. हालांकि, इससे पहले कि वे आगे बढ़ पाते, पुलिस उस गांव में पहुंच गई जहां किसान इकट्ठा हुए थे और आंसू गैस का इस्तेमाल करके उन्हें तितर-बितर कर दिया.
यह आंदोलन दो किसानों – बलदेव सिंह चौके और शगनदीप सिंह जियोंड – की रिहाई की मांग को लेकर है, जो पिछले साल 5 अप्रैल से बठिंडा जेल में बंद हैं. उन्हें पिछले साल 20 जनवरी को जियोंड गांव में हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जमीन की हदबंदी और चकबंदी की कार्रवाई के दौरान हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. उस घटना में, एक DSP के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और कई दूसरे लोग घायल हो गए, जब रेवेन्यू डिपार्टमेंट की एक टीम को भीड़ ने कथित तौर पर बंधक बना लिया.
किसानों का कहना है कि जमीन के झगड़े के अलावा, यह विरोध प्रदर्शन पास के चौके गांव के एक आदर्श स्कूल में टीचरों को फिर से नौकरी पर रखने की मांग से भी जुड़ा था. बठिंडा एडमिनिस्ट्रेशन और किसान प्रतिनिधियों के बीच कई मीटिंग के बावजूद, कोई हल नहीं निकला, जिससे दोनों पक्षों के बीच फिर से टकराव शुरू हो गया.
इस बीच, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित टैरिफ डील पर हमला बोला है. पंधेर ने कहा, US-भारत डील कृषि और कृषि क्षेत्र के लिए मौत का समझौता है और इससे केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू इससे सबका ध्यान भटका रहे हैं. इस पूरे मामले को बिट्टू vs प्रियंका गांधी बनाया जा रहा है लेकिन इतना समय बिट्टू चुप क्यों रहे. पंधेर ने कहा, हमें खालिस्तानी बता रहे हैं, किसान आंदोलन के समय हमें चीन और दूसरे देशों से भी जोड़ा. RSS के कहने पर बिट्टू बोल रहे हैं. आने वाले समय में इसका विरोध करेंगे, जो किसानी विरोधी निर्णय लिए गए हैं, उसपर आंदोलन करेंगे.