
लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय आम महोत्सव में सहारनपुर के मुजफ्फराबाद ब्लॉक के रणडौल गांव के किसान बसंत कुमार को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें दुर्लभ आम की किस्मों को बचाने, प्राकृतिक तरीके से बागों की देखभाल करने और बेहतरीन बागवानी के लिए यह सम्मान मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र, शील्ड और एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया.
72 वर्षीय बसंत कुमार के पास करीब ढाई एकड़ में 100 साल से भी अधिक पुराना आम का बाग है. यह बाग उनके पिता ने लगाया था और आज भी अच्छी पैदावार दे रहा है. बसंत कुमार इस बाग को अपनी सबसे बड़ी धरोहर मानते हैं और इसकी देखभाल पूरे मन से करते हैं.
बसंत कुमार अपने बाग में प्रतिबंधित कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करते. वे समय-समय पर खेत की जुताई, खरपतवार की सफाई और प्राकृतिक तरीकों से पेड़ों की देखभाल करते हैं. उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती से पेड़ लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं और अच्छी गुणवत्ता के फल देते हैं.
बसंत कुमार के बाग में आम की 20 से अधिक किस्में हैं. आम महोत्सव में वे 16 अलग-अलग किस्मों के आम लेकर पहुंचे थे. इनमें फजली, तोतापरी, मलियागिरि, मल्लिका, रामकेला, जाफरान, मालदा, लंगड़ा, चौसा और हाथीफूल जैसी दुर्लभ किस्में शामिल थीं. इन्हीं किस्मों ने उन्हें प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई.
बसंत कुमार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1984 से खुद बाग तैयार करने का काम शुरू किया था. आज तक वे करीब 130 बीघा जमीन पर आम के बाग विकसित कर चुके हैं. वे पुराने पेड़ों की कलम तैयार करके नए पौधे भी बनाते हैं, ताकि दुर्लभ किस्मों को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाया जा सके.
सम्मान मिलने के बाद बसंत कुमार ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से सबसे पहले उनके गांव रणडौल और सहारनपुर का नाम लिया. उन्होंने कहा कि वे खुद को एक छोटा किसान मानते हैं, लेकिन यह सम्मान पूरे गांव और जिले के किसानों का सम्मान है.
बसंत कुमार का कहना है कि उनका सपना है कि पारंपरिक बागवानी, प्राकृतिक खेती और आम की पुरानी दुर्लभ किस्में आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचें. इसके लिए वे लगातार नए पौधे तैयार कर रहे हैं और किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि किसान पुरानी किस्मों को बचाएंगे, तो आने वाले समय में उनकी पहचान और भी मजबूत होगी.