
आजकल शहरी इलाकों में लोग हेल्दी और ऑर्गेनिक खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. लेकिन घर में गार्डनिंग करने वाले लोगों को बरसात के मौसम में काफी परेशानी होता है. वैसे तो बरसात का मौसम पेड़-पौधों के लिए वरदान साबित होता है.
लेकिन किचन गार्डन में लगे पौधों के लिए यह मौसम कई चुनौतियां लेकर आता है. अधिक नमी, सूरज की रोशनी की कमी और मिट्टी में फंगस लगने का खतरा, ये सब आपके पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए बारिश में उनकी सही देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में आप इन 5 गार्डनिंग टिप्स को अपनाकर पौधों को बचा सकते हैं.
बारिश के मौसम में पौधों को ज्यादा पानी देने से बचें. ध्यान रखें कि मिट्टी की ऊपरी परत जब सूख जाए तब ही पौधों को पानी दें. इसके अलावा गमलों में जल निकासी की सही व्यवस्था जरूर करें. साथ ही यह तय करें कि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए, जिससे जड़ों में सड़न पैदा न हो, क्योंकि पानी जमा होने से फंगस और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जो पौधों के लिए हानिकारक है.
बरसात के दिनों में पौधों पर फंगस और कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में पौधों को बचाने के लिए नीम तेल और पानी के घोल को मिलाकर स्प्रे करने से पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है. इसके अलावा प्रभावित पत्तियों को तुरंत हटा दें और पौधों के आस-पास साफ-सफाई रखें. ऐसा करने से पौधे सुरक्षित रहेंगे.
बरसात में पौधों को अतिरिक्त पोषण की काफी जरूरत होती है, क्योंकि इस मौसम में पोषक तत्व मिट्टी से बह जाते हैं. ऐसे में गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करें. इसके अलावा कंपोस्ट चाय भी पौधों के लिए फायदेमंद होता है. यह मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पौधों को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त हवा और हल्की धूप मिलती रहे. अगर आपके पौधे बालकनी में हैं, तो उन्हें थोड़ा अंदर रखें, ताकि वे सीधे बारिश से बच सकें. कम धूप के कारण पौधों की वृद्धि धीमी हो सकती है, इसलिए उन्हें ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिले.
बरसात के मौसम में नए पौधे लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि वे पानी और नमी के कारण खराब हो सकते हैं. इस समय सिर्फ उन पौधों की देखभाल पर ध्यान दें जो पहले से लगे हुए हैं. अगर आप कटिंग लगाने का सोच रहे हैं तो अभी टाल दें, जब मौसम थोड़ा साफ हो जाए, तभी नई शुरुआत करें.