
महाराष्ट्र के जालना जिले में शॉर्ट सर्किट और बिजली के तारों में स्पार्किंग के कारण खेतों में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. इन हादसों में किसानों की फसल जलकर राख हो गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
किसानों ने प्रशासन से पंचनामा कर आर्थिक मदद की मांग की है. पहली घटना जालना जिले के भोकरदन तहसील के टाकली बाजड़ गांव की है. यहां किसान अनिल खिल्लारे ने अपने खेत में मक्के की फसल काटकर ढेर लगाकर रखी थी.
इसी दौरान खेत के पास स्थित विद्युत डीपी में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और भीषण आग लग गई. आग तेजी से फैलने से करीब 5 एकड़ क्षेत्र में रखा मक्का जलकर राख हो गया. इस हादसे में लगभग 300 क्विंटल मक्का नष्ट हो गया है. किसान के मुताबिक, उन्हें करीब 5 से 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि फसल पर करीब 1 लाख रुपये खर्च हुआ था.
दूसरी घटना जालना जिले के जाफराबाद तहसील के तपोवन गोंधन गांव की है. यहां किसान परसराम फलके ने दो एकड़ खेत की सोयाबीन फसल काटकर ढेर लगाकर रखी थी.
दोपहर में खेत से गुजर रही बिजली लाइन में स्पार्किंग हुई, जिससे सोयाबीन के ढेर में आग लग गई. इस आग में करीब 25 क्विंटल सोयाबीन जलकर राख हो गई. किसान को लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है.
इसके अलावा आग की चपेट में आकर पड़ोसी किसान रुस्तुम फलके की 5 क्विंटल ज्वार और किसान भाऊसाहेब फलके का चारा भी जल गया, जिससे दोनों किसानों को भी आर्थिक नुकसान हुआ है.
स्थानीय किसानों ने मोटर पंप चालू कर समय रहते आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल सभी प्रभावित किसानों ने सरकार से नुकसान का पंचनामा कर आर्थिक सहायता देने की मांग की है.